रायपुर: सुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के मात्र 10 माह 4 दिनों के भीतर 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर देश में सर्वाधिक आवास बनाने का गौरव हासिल किया है। यह पहली बार है जब राज्य ने एक ही वित्तीय वर्ष में इतनी बड़ी संख्या में पक्के मकान तैयार किए हैं।
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प्रतिदिन 1,600 घरों का निर्माण
मुख्यमंत्री साय ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। इसी लक्ष्य को साकार करते हुए राज्य ने मानसून की चुनौतियों के बावजूद औसतन 1,600 से अधिक आवास प्रतिदिन बनाकर कार्यकुशलता की नई मिसाल पेश की है। जिलों की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा इस सफलता का आधार बनी, जिसमें बिलासपुर (29,235 आवास), महासमुंद, बलरामपुर, कोरबा और रायगढ़ जिलों ने अग्रणी भूमिका निभाई है।
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सिर्फ मकान नहीं, ‘लखपति दीदी’ और रोजगार भी
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह योजना केवल छत देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति दी है। महिला स्व-सहायता समूहों ने निर्माण सामग्री की आपूर्ति के लिए बैंकों से ऋण लेकर कारोबार शुरू किया, जिसके सुखद परिणाम स्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भर हुई हैं।
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कौशल विकास और सामाजिक बदलाव
योजना के तहत हितग्राहियों को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण लेने वाले 6,000 लोगों में 960 महिलाएं और 292 आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक आजीविका प्रदान करने का एक प्रभावी माध्यम बनी है। साथ ही, नरेगा के समन्वय से 10,000 से अधिक ‘आजीविका डबरियों’ का निर्माण कर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
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इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सुरक्षा का आधार है। हमने संकल्प लिया था कि कोई भी जरूरतमंद पक्के घर से वंचित न रहे, और यह राष्ट्रीय कीर्तिमान हमारी स्पष्ट नीति और जमीनी स्तर पर कार्यरत टीम की मेहनत का परिणाम है।”



