कल सुबह 10 बजे पीएम मोदी का ‘परीक्षा पे चर्चा’ संवाद, छत्तीसगढ़ में लाइव प्रसारण की बड़ी तैयारी
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी परीक्षा वर्ष 2026 के सफल और निष्पक्ष संचालन के लिए रायपुर में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य के 33 जिलों के समन्वय केंद्रों और नवीन परीक्षा केंद्रों के केन्द्राध्यक्षों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करना था।
पूरे प्रशिक्षण को दो चरणों में संपन्न किया गया, जिसमें पहले चरण में परीक्षा संचालन और दूसरे चरण में मूल्यांकन कार्य से जुड़ी बारीकियों पर विस्तृत चर्चा की गई ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी बनी रहे।
इस अवसर पर मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु जी. पिल्ले ने दिव्यांग परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिव्यांग छात्रों के लिए बैठने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से भूतल (Ground Floor) पर की जाए और उन्हें नियमानुसार लेखक सहित अन्य आवश्यक सुविधाएँ मुहैया कराई जाएँ।
साथ ही, सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह निर्देशित किया गया कि परीक्षा के दौरान केंद्र के मुख्य द्वार पर ताला न लगाया जाए और जिस विषय की परीक्षा हो, उससे संबंधित शिक्षकों को उस दिन पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी न दी जाए।
मण्डल की सचिव श्रीमती पुष्पा साहू ने अनुशासन पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश पुस्तिका का कड़ाई से पालन करने को कहा। कार्यशाला में यह भी तय किया गया कि परीक्षा कक्षों में छात्रों के बीच पर्याप्त दूरी हो और छात्राओं वाले कमरों में अनिवार्य रूप से महिला पर्यवेक्षक तैनात की जाएँ।
इसके अलावा, पर्यवेक्षण कार्य में लिपिकों की सेवाएं लेने पर रोक लगाई गई है और पर्यवेक्षकों को परीक्षा के दौरान छात्रों से अनावश्यक संवाद न करने की हिदायत दी गई है। इस पूरी प्रक्रिया को पी.पी.टी. के माध्यम से विस्तार से समझाया गया, जिससे आगामी बोर्ड परीक्षाओं को त्रुटिहीन तरीके से संपन्न कराया जा सके।
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