**रायपुर, 5 जून 2026** | छत्तीसगढ़ में सिंचाई दक्षता को बढ़ाने और जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने राज्य सरकार के ‘कमान क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण’ (M-CAD) मॉडल की न केवल सराहना की है, बल्कि देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी छत्तीसगढ़ के इस मॉडल को अपनाने की सलाह दी है।
क्या है छत्तीसगढ़ मॉडल की खासियत?
जल शक्ति मंत्रालय ने सभी राज्यों के जल संसाधन विभागों को जारी पत्र में छत्तीसगढ़ की कार्यप्रणाली की विशेष प्रशंसा की है। मंत्रालय ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार ने अपने सीमित संसाधनों का उपयोग करते हुए एम-सीएडी के दिशा-निर्देशों का जिस प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया है, वह सिंचाई क्षमता बढ़ाने और उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए एक ‘अनुकरणीय पहल’ है।
किसानों की समृद्धि ही प्राथमिकता: मुख्यमंत्री
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संतोष व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के किसानों और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा:
> “विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारा लक्ष्य उपलब्ध पानी की एक-एक बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है। यह राष्ट्रीय स्वीकृति हमारे सुशासन और प्रतिबद्धता का सम्मान है।”
कृषि क्षेत्र में नवाचारों पर जोर
राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ जल संरक्षण के क्षेत्र में भी निरंतर नवाचार कर रही है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा इस मॉडल की सराहना किए जाने से प्रदेश में भविष्य की सिंचाई योजनाओं और कृषि उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में एक नया उत्साह देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ द्वारा अपनाई गई यह रणनीति अन्य राज्यों के लिए सिंचाई दक्षता (Irrigation Efficiency) में सुधार लाने के लिए एक प्रभावी मार्गदर्शिका साबित हो सकती है।



