प्रदेश में अब तक 87.1% औसत वर्षा दर्ज, जानिए आपके जिले का हाल
नवा रायपुर:
लोक शिक्षण संचालनालय ने छत्तीसगढ़ के सभी शिक्षा संभागों के संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर राज्यभर में ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 2026’ के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। पूर्व सैनिक महा सभा एवं सिपाही संगठन के प्रस्ताव पर आयोजित होने वाले इस राष्ट्रव्यापी देशभक्ति अभियान के तहत इस वर्ष विशेष कार्यक्रम तय किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ व्यापम परीक्षा शुल्क रिफंड: तकनीकी कारणों से अटके पैसों के लिए विशेष लिंक जारी, जानिए पूरी प्रक्रिया
सीमाओं पर तैनात जवानों तक पहुँचेंगे रक्षा सूत्र
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं और नागरिकों द्वारा तैयार किए गए रक्षा सूत्र (राखी), तिलक के लिए एक चुटकी पवित्र मिट्टी, मौली धागा और सैनिकों के नाम सम्मानपूर्वक लिखे गए संदेश पत्रों को देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों तक पहुंचाना है।
मोर गांव, मोर पानी’ महाअभियान से बदलेगी सरगुजा की तस्वीर, कांतिप्रकाशपुर की पहाड़ी पर बने 600 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच, वर्षा जल संरक्षण से बढ़ेगा भू-जल स्तर
स्कूलों और संगठनों में शुरू हुई तैयारियाँ
अभियान की रूपरेखा के तहत 1 जुलाई 2026 से देश भर के विद्यालयों एवं सामाजिक संगठनों में रक्षा सूत्र निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसके बाद आगामी 1 अगस्त 2026 को वरिष्ठ जननायकों की उपस्थिति में जगदलपुर से प्रथम संग्रहण के साथ इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में तय कार्यक्रम की मुख्य तिथियाँ:
01 अगस्त से 14 अगस्त 2026: छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से सामग्री संग्रहण।
15 अगस्त 2026: जनप्रतिनिधियों एवं सैनिकों की उपस्थिति में भव्य शोभायात्रा के बाद बिलासपुर से प्रस्थान तथा अंबिकापुर आगमन एवं रात्रि विश्राम।
*16 अगस्त 2026: अंबिकापुर में विशेष संग्रहण कार्यक्रम का आयोजन।
8th Pay Commission Update: OPS पर फिर गरमाई बहस, गजट नोटिफिकेशन के बाद कर्मचारियों ने उठाई बड़ी मांग
लोक शिक्षण संचालनालय ने राज्य के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों के प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे छात्रों को इस अभियान से जोड़ें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुरक्षा एवं अनुशासन का ध्यान रखते हुए सामग्री संग्रहण का कार्य सुनिश्चित करें।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: तहसीलदार के पास जाति प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार नहीं
क्या सच में कुंदरू खाने से दिमाग ‘Dull’ हो जाता है? जानिए इस वायरल अफवाह के पीछे का पूरा सच!
देश की सीमाओं पर तैनात जवानों तक पहुँचेंगे राखियां और संदेश
पूर्व सैनिक महा सभा एवं सिपाही संगठन के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ का गौरव ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र’ अभियान-2026 का व्यापक आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में संगठन द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा मंत्री को पत्र प्रेषित कर मार्ग सूचना, सुरक्षा और आवश्यक समन्वय के लिए अनुरोध किया गया है।
27 लाख से अधिक रक्षा-सूत्रों का हो चुका है सफल प्रेषण
संगठन के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में इस अभियान के माध्यम से 27,92,000 (सत्ताईस लाख बान्वे हजार) भारतीय सैनिकों को ‘छत्तीसगढ़ की माटी’ से तिलक कर ‘सिपाही रक्षा-सूत्र’ भारतीय सेना मुख्यालय तक सफलतापूर्वक निःशुल्क पहुँचाए जा चुके हैं, जो एक विश्व कीर्तिमान है। इस वर्ष 2026 में इसके अगले चरण का और अधिक व्यापक आयोजन प्रस्तावित है।
क्या है ‘सिपाही रक्षा-सूत्र’?
अभियान के तहत ‘सिपाही रक्षा-सूत्र’ में एक चुटकी मिट्टी (सैनिकों के तिलक हेतु), मौली धागा / राखी, और स्वयं का पूरा पता व नंबर लिखकर सैनिकों के लिए भेजे जाने वाले पत्र को एक लिफाफे में डालकर बंद किया जाता है। राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों द्वारा इसे पूरी तरह निःशुल्क तैयार किया जाता है।
IRCTCकी नई हाईटेक वेबसाइट लाइव: बिना कैप्चा और फालतू विज्ञापनों के होगी सुपरफास्ट टिकट बुकिंग
शिक्षा विभाग से सहयोग की अपील
संगठन ने शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए वाहन और सुरक्षा की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की जाए। साथ ही, संबंधित मंत्रालयों के माध्यम से प्रदेश के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थाओं को सही समय पर सूचना प्रेषित हो, जिससे छात्र-छात्राएं ‘सिपाही रक्षा-सूत्र’ निर्माण की विधि और संग्रहण प्रक्रिया से जुड़ सकें।
01 जुलाई 2026: देशभर के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सामाजिक संगठनों में ‘सिपाही रक्षा-सूत्र’ निर्माण कार्य का शुभारंभ।01 अगस्त 2026: वरिष्ठ जननायकों की उपस्थिति में जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से प्रथम संग्रहण के साथ अभियान का औपचारिक शुभारंभ।01 अगस्त से 14 अगस्त 2026: छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के साथ सामग्री संग्रहण।15 अगस्त 2026: जनप्रतिनिधियों एवं सैनिकों के साथ भव्य शोभायात्रा के उपरांत बिलासपुर से प्रस्थान तथा अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) आगमन एवं रात्रि विश्राम।16 अगस्त 2026: अंबिकापुर में संग्रहण कार्यक्रम।16 अगस्त से 22 अगस्त 2026 तक: यात्रा रांची (झारखंड), वाराणसी, अयोध्या, लखनऊ, आगरा, मथुरा (उत्तर प्रदेश) होते हुए नई दिल्ली सेना मुख्यालय की ओर प्रस्थान करेगी, जहाँ देश के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों व धार्मिक केंद्रों पर दर्शन एवं संग्रहण कार्यक्रम संपन्न होंगे।
जशपुर कलेक्टर का सख्त निर्देश: समय पर आएं, बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाएं और ई-ऑफिस से करें काम
यह राष्ट्रव्यापी यात्रा विभिन्न संवेदनशील मार्गों से होकर गुजरेगी, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और राष्ट्रभक्त नागरिक सम्मिलित होंगे। संगठन ने यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात सहयोग और मार्ग में आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराने की अपेक्षा जताई है।


