डिजिटल शिक्षा की ओर जशपुर, 206 स्कूलों में लगेंगे इंटरएक्टिव बोर्ड
जशपुरनगर
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जशपुर प्रवास जिले के लिए विकास, जनकल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। एक ही दिन में मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा नवाचार, बाल अधिकार, पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सम्मान से जुड़े कई बड़े कार्यक्रमों में सहभागिता कर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने निज निवास बगिया में गजरथ यात्रा–2025 पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक जशपुर जिले में हाथी विचरण क्षेत्रों के वर्गीकरण, मानव–हाथी द्वंद प्रबंधन, गज सूचना एवं नियंत्रण कक्ष, विद्यालयों में जागरूकता अभियान, एनीमल ट्रैकर ऐप प्रशिक्षण तथा गजरथ यात्रा की उपलब्धियों का समग्र दस्तावेज है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मानव–हाथी द्वंद को कम करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले 6 वनकर्मियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक आमजन को हाथियों के व्यवहार को समझने और सतर्कता बरतने में मदद करेगी तथा विद्यालयों में चल रहे जागरूकता कार्यक्रम भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
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शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के तहत मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जिला प्रशासन, SECL एवं EdCIL के बीच त्रिपक्षीय एमओयू संपन्न हुआ। इसके तहत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। इस परियोजना के लिए SECL द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों जैसी आधुनिक शिक्षा सुविधाएं मिलेंगी जिससे उनके भविष्य की मजबूत नींव पड़ेगी।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने फरसाबहार से बाल विवाह मुक्त जशपुर अभियान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह रथ शहरी और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन की जानकारी देगा।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने फरसाबहार, कुनकुरी और मनोरा में 10-10 बिस्तरों वाले पोषण पुनर्वास केंद्रों का शुभारंभ किया। इसके साथ ही जिले में पोषण पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। मुख्यमंत्री ने सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन श्री सत्य साईं मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय का भी अवलोकन किया और कहा कि जिले में बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने पमशाला में आयोजित सरगुजा संभागीय पेंशनर सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। सम्मेलन में लगभग एक हजार पेंशनर्स शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनरों को सम्मानित करते हुए कहा कि पेंशनर्स समाज की अमूल्य धरोहर हैं और प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में उनका अनुभव अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पूर्व सरगुजा कमिश्नर रिटायर्ड आईएएस श्री महेश्वर साय पैंकरा द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन भी किया। पेंशनर संघ की मांगों पर मुख्यमंत्री ने सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन दिया।
इसी दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने पमशाला स्थित राधा कृष्ण मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री के इस व्यापक दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार जशपुर जैसे आदिवासी अंचल में पर्यावरण संतुलन, शिक्षा नवाचार, बाल संरक्षण, पोषण, स्वास्थ्य और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान को समान प्राथमिकता देते हुए समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
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