तेलंगाना
अंधविश्वास और वहम के चलते रिश्तों के कत्ल की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मेडक जिले में 22 वर्षीय एक युवक ने अपनी ही 38 वर्षीय मां पर ‘काला जादू’ करने का शक जताते हुए डीजल डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसने के कारण महिला की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर फरार हुए आरोपी बेटे को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है।
वहम में ऑटो से निकाला डीजल, मां को किया आग के हवाले
यह रूह कंपा देने वाली वारदात तेलंगाना के मेडक जिला स्थित टेकमल मंडल के येल्लुपेट गांव की है। मृतका 38 वर्षीय महिला गांव में अकेली रहकर खेतों में मजदूरी कर अपना गुजारा करती थी, जबकि उसका 22 वर्षीय बेटा दुर्गेश हैदराबाद में ऑटो-रिक्शा चलाता था। आरोपी बेटा करीब 10 दिन पहले ही गांव लौटा था और अपनी मां पर काले जादू का निराधार शक कर रहा था।
वारदात के दिन दोनों के बीच इसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ। झगड़े के दौरान दुर्गेश ने अपने ऑटो-रिक्शा से डीजल निकाला और अपनी मां पर उड़ेल दिया। इसके बाद उसने माचिस से आग लगा दी, जिससे बुरी तरह झुलसकर महिला की मौके पर ही तड़प-तड़पकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने स्पेशल टीम गठित कर कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
दशकों पुरानी मौतों का मां पर मढ़ रहा था दोष
जांच में सामने आया है कि आरोपी दुर्गेश पिछले कई दिनों से अपनी मां पर लगातार काले जादू का झूठा आरोप लगा रहा था। वह गांव में दशकों पहले हुई कुछ मौतों के लिए भी अपनी मां के तथाकथित तंत्र-मंत्र को जिम्मेदार ठहरा रहा था।
पुलिस की पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी शराब का आदी था और उसका व्यवहार काफी समय से असामान्य बना हुआ था।
पुलिस जांच में काले जादू का कोई सबूत नहीं
पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों और पड़ोसियों से की गई गहन पूछताछ में महिला के किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या तंत्र-मंत्र से जुड़े होने का कोई सबूत नहीं मिला है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि मृतका बेहद शांत स्वभाव की थी और केवल मेहनत-मजदूरी पर निर्भर थी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम करा दिया है और आरोपी के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

