रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से डोंगरगढ़ स्थित कलवारी पहाड़ तक चार दिवसीय विशाल ‘क्रूसमार्ग पदयात्रा’ की शुरुआत हो गई है। यह पदयात्रा विश्व शांति, मानव कल्याण और भारत राष्ट्र सहित छत्तीसगढ़ राज्य की सुख-समृद्धि और आपसी भाईचारे के संकल्प के साथ आयोजित की जा रही है।
आयोजन समिति के संस्थापक और संयोजक गुरविंदर सिंह चड्डा ने बताया कि इस यात्रा में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से ईसाई समुदाय के लगभग 400 से 450 श्रद्धालु उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रहे हैं।
इस धार्मिक पदयात्रा का शुभारंभ रायपुर के बैरन बाजार स्थित सेंट जोसेफ महा गिरजाघर से कैथोलिक ईसाई समुदाय के परम श्रद्धेय आर्च बिशप डॉ. विक्टर हेनरी ठाकुर के मार्गदर्शन और अगुवाई में किया गया। यात्रा की शुरुआत में प्रभु यीशु मसीह के क्रूसमार्ग के प्रथम स्थान की विशेष प्रार्थना की गई, जिसमें रेव्ह. फादर सेबेस्टियन जी, रेव्ह. फादर जॉन सेवियर और अन्य धर्मगुरुओं ने हिस्सा लिया। पदयात्रियों का जत्था टाटीबंध, कुम्हारी, चरोदा और भिलाई पावर हाउस होते हुए सुपेला सेक्टर-6 पहुंचा, जहाँ दुर्ग के सेंट विंसेंट डी पॉल चर्च में रात्रि विश्राम और प्रार्थना का आयोजन किया गया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पदयात्रा 25 मार्च को राजनांदगांव के सेंट जान बैप्टिस्ट चर्च पहुंचेगी और 26 मार्च की रात तक डोंगरगढ़ के कलवारी पहाड़ पर विश्राम करेगी। यात्रा के अंतिम दिन, शुक्रवार 27 मार्च 2026 को सभी श्रद्धालु एकजुट होकर अपने हाथों में पवित्र क्रूस लेकर डोंगरगढ़ की पहाड़ियों पर प्रभु यीशु के क्रूस मरण के 14 स्थानों पर विशेष विनती प्रार्थना करेंगे। समापन समारोह में आर्च बिशप डॉ. विक्टर हेनरी ठाकुर और फादर विपीन मिंज की उपस्थिति में पवित्र मिस्सा बलिदान और पूजन विधि संपन्न की जाएगी। इस पूरी यात्रा में सरजियस मिंज, दिलप्रीत सिंह चड्डा और एसएस तिग्गा सहित अनेक मार्गदर्शक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


