विशेष संवाददाता | रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात कर्मचारियों के वेतन भुगतान और बैंक लोन से जुड़ी समस्याओं का मामला गूंजा। विधायक श्री आशा राम नेताम ने सदन में वित्त विभाग से जुड़ा एक ध्यानाकर्षण प्रश्न पूछते हुए कर्मचारियों को आ रही दिक्कतों की ओर ध्यान आकर्षित किया।विधायक के सवालों का लिखित जवाब देते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने स्थिति स्पष्ट की है।
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विधानसभा में उठाए गए 3 मुख्य सवाल और वित्त मंत्री के जवाब:
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शॉर्ट टर्म लोन की सुविधा पर सवाल: विधायक ने पूछा कि क्या आत्मानंद विद्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ कर्मचारियों को शासन द्वारा मिलने वाले वेतन के विरुद्ध शॉर्ट टर्म लोन (अल्पावधि ऋण) प्राप्त करने की कोई विशेष सुविधा उपलब्ध है? इस पर वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में ‘जी नहीं’ कहकर इनकार किया।
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बैंक से लोन मिलने में आ रही कठिनाई: विधायक का दूसरा सवाल था कि क्या इन कर्मचारियों को ‘अनुदान मद’ से वेतन और भत्तों का भुगतान होने के कारण बैंकों से लोन (ऋण) लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है? इस पर भी वित्त मंत्री ने सदन में ‘जी नहीं’ का जवाब प्रस्तुत किया।
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ई-कोष से वेतन भुगतान की योजना: विधायक ने जानना चाहा कि क्या शासन प्रतिनियुक्ति वाले इन कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए वर्तमान ‘अनुदान मद’ की जगह सीधे ‘ई-कोष’ से वेतन आहरण (विड्रॉल) करने की दिशा में कोई ठोस योजना बना रहा है, और यदि हाँ तो इसे कब तक लागू किया जाएगा? इस योजना को लेकर भी वित्त मंत्री ने ‘जी नहीं’ कहते हुए साफ किया कि फिलहाल ऐसी कोई योजना विचाराधीन नहीं है।
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नीति में बदलाव की संभावना नहीं
वित्त विभाग द्वारा विधानसभा में दिए गए इस दो-टूक जवाब से यह साफ हो गया है कि स्वामी आत्मानंद स्कूलों में डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) पर काम कर रहे शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन आहरण और लोन संबंधी नियमों में वर्तमान में किसी भी तरह के बदलाव या नई व्यवस्था की तैयारी नहीं की जा रही है। कर्मचारियों को पूर्व की भांति ही तय व्यवस्था के तहत अनुदान मद से वेतन मिलता रहेगा।



