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रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक सत्र को लेकर साय सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब निजी स्कूलों की तर्ज पर प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में भी नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत और प्रवेश प्रक्रिया 1 अप्रैल से की जाएगी। इसके साथ ही वर्ष 2027-28 से बच्चों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश (यूनिफॉर्म) और साइकिल का वितरण भी सत्र के पहले ही दिन यानी 1 अप्रैल को ही कर दिया जाएगा।
मंत्रालय में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) की बड़ी समीक्षा बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मंत्री यादव ने कहा कि इस नई व्यवस्था से सरकारी स्कूलों में समय पर पढ़ाई शुरू होगी, पाठ्यक्रम समय पर पूरा होगा और अंततः परीक्षा परिणामों की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आएगा।
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ड्रॉपआउट बच्चों के लिए विशेष अभियान, 31 जुलाई तक दाखिला जरूरी
समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि जो बच्चे किन्हीं कारणों से स्कूल छोड़ चुके हैं (ड्रॉपआउट), उन्हें दोबारा मुख्यधारा से जोड़ा जाए। इसके लिए विभाग द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत 31 जुलाई 2026 तक ऐसे बच्चों को हर हाल में स्कूलों में पुनः प्रवेश दिलाना सुनिश्चित करना होगा।
प्राइमरी के बच्चों को 20 और मिडिल के छात्रों को 25 तक पहाड़े आना अनिवार्य
बैठक में बच्चों के बुनियादी ज्ञान और शैक्षणिक स्तर को सुधारने पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राथमिक स्तर (प्राइमरी) के विद्यार्थियों को बारहखड़ी और 20 तक के पहाड़े तथा माध्यमिक स्तर (मिडिल) के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े मुंहजबानी याद होने चाहिए। इसके साथ ही दोनों स्तर के बच्चों को हिंदी और अंग्रेजी की धाराप्रवाह रीडिंग (पढ़ना) अनिवार्य रूप से आनी चाहिए। उन्होंने डीईओ और बीईओ को नियमित रूप से स्कूलों का औचक निरीक्षण करने और इसकी सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
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जर्जर स्कूल भवन किए जाएंगे डिस्मेंटल, दफ्तरों में जमे शिक्षक लौटेंगे मूल स्कूल
बैठक में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए गए कि प्रदेश के सभी जर्जर विद्यालय भवनों की सूची तैयार की जाए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें चरणबद्ध तरीके से डिस्मेंटल (ढहाने) की कार्रवाई की जाए। भवनविहीन स्कूलों की समीक्षा जिला कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ स्तर पर की जाएगी। एक और बड़े फैसले के तहत, जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में मलाईदार पदों पर अटैच (संलग्न) शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से हटाकर उनकी मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में वापस भेजने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
जुलाई से VSK App से हाजिरी पर ही मिलेगा वेतन, इस महीने राहत
शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ‘वीएसके ऐप’ (VSK App) के माध्यम से डिजिटल हाजिरी पर जोर दिया गया है। विभाग ने इस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए शिक्षकों को बड़ी राहत भी दी है। निर्णय लिया गया है कि वर्तमान माह में ऐप पर पंजीयन और तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए अतिरिक्त समय दिया जा रहा है, इसलिए इस महीने की उपस्थिति के आधार पर किसी भी शिक्षक या कर्मचारी के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी। हालांकि, जुलाई माह से सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों का ऐप पर रजिस्ट्रेशन पूरी तरह अनिवार्य होगा और जुलाई का वेतन इसी ऐप में दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा।
इस उच्च स्तरीय बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, समग्र शिक्षा की आयुक्त किरण कौशल और लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने भी मौजूद रहकर विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और गुणवत्ता सुधार के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

