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नई दिल्ली/रायपुर | 23 मार्च 2026
खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध और गंभीर भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर एलपीजी की आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसकी गूंज अब भारत में भी गैस संकट की आहट के रूप में सुनाई देने लगी है। इस उभरती स्थिति को देखते हुए देश की प्रमुख गैस एजेंसियों ने एक अत्यंत सख्त नियम जारी किया है, जिसके तहत उन उपभोक्ताओं की बुकिंग सेवाएं तत्काल प्रभाव से रोकी या बंद की जा सकती हैं जिन्होंने पिछले 9 महीनों से एक भी सिलिंडर बुक नहीं करवाया है। एजेंसियों का मानना है कि लंबे समय से निष्क्रिय पड़े इन कनेक्शनों का भविष्य में दुरुपयोग होने की संभावना अधिक है, इसीलिए सुरक्षा और संसाधनों के सही वितरण को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे खातों को ‘सस्पेंडेड’ श्रेणी में डाल दिया गया है। अब इन उपभोक्ताओं को अपनी रसोई गैस सेवा फिर से सुचारु कराने के लिए नए सिरे से अनिवार्य केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी करनी होगी और बिना सत्यापन के ये ग्राहक नया सिलिंडर बुक नहीं कर सकेंगे।
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गैस एजेंसियों द्वारा इस कठोर कदम के पीछे मुख्य कारण ‘घोस्ट कनेक्शन’ यानी फर्जी कनेक्शनों को खत्म करना है ताकि सब्सिडी और सीमित संसाधनों का लाभ केवल सक्रिय और वास्तविक उपभोक्ताओं को ही मिल सके। युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम हो रही सप्लाई के बीच सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जरूरतमंद परिवारों को समय पर सिलिंडर उपलब्ध हो। जो ग्राहक पिछले नौ महीनों या उससे अधिक समय से गैस नहीं ले रहे हैं, उन्हें अब अपनी रुकी हुई सेवा को बहाल करने के लिए व्यक्तिगत रूप से अपनी गैस एजेंसी पर जाकर एक विस्तृत केवाईसी फॉर्म भरना होगा। इसके साथ ही आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी जमा करने के साथ-साथ बायोमेट्रिक्स या चेहरे की पहचान के जरिए सत्यापन करना अनिवार्य होगा, जिसके 24 से 48 घंटों के भीतर बुकिंग सेवा पुनः शुरू कर दी जाएगी।
राहत की बात यह है कि जो उपभोक्ता गैस एजेंसी के चक्कर नहीं काटना चाहते, वे संबंधित कंपनी जैसे इडेन (Indane), एचपी (HP) या भारत गैस (Bharat Gas) के आधिकारिक पोर्टल या मोबाइल एप के जरिए घर बैठे ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ताओं को पोर्टल के ‘अपडेट केवाईसी’ सेक्शन में जाकर अपनी जानकारी भरनी होगी और आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के जरिए डिजिटल सत्यापन करना होगा। डिजिटल माध्यम से सत्यापन उन लोगों के लिए सबसे सुलभ और आसान तरीका है जो अपनी गैस सेवा को दोबारा चालू करना चाहते हैं। गैस एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने के लिए उपभोक्ताओं का डेटा अपडेट होना अनिवार्य है, ताकि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या दुरुपयोग पर लगाम कसी जा सके।
“गैस एजेंसियों का यह कड़ा रुख केवल उन उपभोक्ताओं के लिए है जो लंबे समय से निष्क्रिय हैं। यदि आप भी इस परेशानी से बचना चाहते हैं, तो आज ही अपने मोबाइल से ई-केवाईसी (e-KYC) स्टेटस चेक करें या नजदीकी डीलर से संपर्क करें। याद रखें, खाड़ी देशों में जारी युद्ध के कारण सप्लाई की कमी हो सकती है, इसलिए अपना कनेक्शन अपडेट रखना ही समझदारी है।”


