मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों और कई लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने की घटना के बाद छत्तीसगढ़ शासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। राज्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आबकारी विभाग ने पूरे प्रदेश में विशेष जांच अभियान चलाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत प्रदेश की सभी 701 शराब दुकानों में अधिकारी मौके पर जाकर शराब की एक-एक बोतल, अद्धी और पौवे की गुणवत्ता की बारीकी से जांच करेंगे।
आबकारी आयुक्त पी.एस. एल्मा ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर आबकारी अमले को तत्काल प्रभाव से फील्ड में सक्रिय करने का आदेश दिया है। इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हवाई अड्डे, सार्वजनिक स्थलों, अंतरराज्यीय सीमावर्ती जांच चौकियों, होटल-ढाबों और शराब दुकानों पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।
जंगलों और जलस्रोतों के पास सघन गश्त
आदेश में अवैध और कच्ची शराब के निर्माण की आशंका वाले इलाकों को चिन्हित कर लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। दुर्गम क्षेत्रों, नदियों-तालाबों के तटवर्ती इलाकों और वनांचल में आबकारी टीमें औचक निरीक्षण और छापेमारी करेंगी। अवैध शराब की भट्ठियां मिलने पर मौके पर ही सामग्री नष्ट कर आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कड़े प्रकरण दर्ज किए जाएंगे।
अवैध स्पिरिट के नेटवर्क पर प्रहार
विभाग ने अवैध स्पिरिट की उपलब्धता और इसके कारोबार पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि औद्योगिक या अन्य उपयोग के लिए आने वाली स्पिरिट का दुरुपयोग जहरीली शराब बनाने में न हो सके। इसके लिए स्पिरिट की आपूर्ति और मूल स्रोतों की पूरी पड़ताल की जाएगी, ताकि राज्य में अवैध स्पिरिट के प्रवेश और वितरण पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
सरकारी दुकानों में आकस्मिक निरीक्षण और लैब टेस्टिंग
प्रदेश की सभी देशी और विदेशी शराब दुकानों का नियमित और अचानक निरीक्षण किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दुकानों में किसी भी प्रकार की मिलावटी, संदिग्ध या नॉन-ड्यूटी पेड मदिरा मौजूद न हो। जांच के दौरान यदि कोई भी संदिग्ध शराब पाई जाती है, तो उसके नमूने लेकर राज्य स्तरीय रासायनिक प्रयोगशाला (आबकारी विभाग) जांच के लिए भेजे जाएंगे। लैब रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


