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नारायणपुर/जशपुर: रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात नारायणपुर थाना क्षेत्र से सामने आई है, जहाँ जमीन बिक्री के पैसों के बंटवारे को लेकर एक पिता ने अपने ही बेटे की जान लेने की कोशिश की। इस खौफनाक कदम में घायल युवक की मां और छोटे भाई ने भी आरोपियों का साथ दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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पैसों के लेनदेन ने ली खूनी रंजिश की शक्ल
घटना की पृष्ठभूमि करीब दो साल पुरानी है, जब मुख्य आरोपी पिता शिवशंकर यादव ने अपनी पैतृक जमीन बेची थी। घायल कौशल यादव (30 वर्ष) लगातार इस बिक्री से मिली राशि में अपने हिस्से की मांग कर रहा था। इसी मांग को लेकर परिवार में अक्सर विवाद होता रहता था। 13 फरवरी 2026 को यह विवाद इतना बढ़ा कि पिता, मां और छोटे भाई ने मिलकर कौशल को जान से मारने की योजना बना डाली।
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पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाने का प्रयास
विवाद के दौरान ससुर शिवशंकर यादव, सास चन्द्रमुनी भगत और देवर अंकुश यादव ने एक राय होकर पहले कौशल के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। जब कौशल ने विरोध किया, तो पिता शिवशंकर ने उसे जान से मारने की नीयत से उसके शरीर पर पेट्रोल उड़ेल दिया और माचिस जलाकर आग लगा दी। आग की लपटों में घिरा कौशल बुरी तरह झुलस गया, जिसे गंभीर हालत में अंबिकापुर के होलीक्रॉस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर नारायणपुर पुलिस ने धारा 296, 351(3), 115(2), 109(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों—शिवशंकर यादव (55 वर्ष), चन्द्रमुनी भगत (47 वर्ष) और अंकुश यादव (27 वर्ष)—को उनके निवास स्थान से हिरासत में लिया। आरोपियों द्वारा अपना जुर्म स्वीकार करने के बाद पुलिस ने उन्हें 16 फरवरी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
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पुलिस टीम: इस महत्वपूर्ण कार्यवाही और आरोपियों की गिरफ्तारी में सहायक उप निरीक्षक उमेश प्रभाकर, प्रधान आरक्षक पुरनचंद पटेल, महिला आरक्षक अल्पना तिर्की, आरक्षक कुलदीप खलखो और अशोक कंसारी की मुख्य भूमिका रही।

