Mobile Users Bad News: अब Truecaller पर चाहकर भी ब्लॉक नहीं होंगे 140 और 1600 वाले नंबर, TRAI ने बदला बड़ा नियम, जानें ट्राई का नया आदेश
नई दिल्ली:
देश में राष्ट्रगान (National Anthem) और राष्ट्रगीत (National Song) के सम्मान, सही उच्चारण और उन्हें बजाने के तौर-तरीकों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा निर्देश जारी किया है। गृह मंत्रालय ने देश की सभी राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के प्रशासनों और केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों व विभागों को एक आधिकारिक पत्र भेजकर साफ किया है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से जुड़े तय नियमों का जमीनी स्तर पर सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। 9 जुलाई को जारी किए गए इस विशेष पत्र में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों (Chief Secretaries) और केंद्रीय सचिवों को पहले से जारी आदेशों की कॉपियां भी भेजी गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर नियमों को लेकर कोई भ्रम या लापरवाही न रहे। इस आदेश के बाद अब देश के सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत की प्रस्तुति को लेकर प्रोटोकॉल बेहद कड़ा हो जाएगा।
इस नए दिशा-निर्देश का सबसे महत्वपूर्ण और ध्यान देने वाला पहलू यह है कि गृह मंत्रालय ने उन सभी अवसरों की एक पूरी सूची दोबारा दोहराई है जहां राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को गाना या बजाना कानूनी रूप से अनिवार्य है, और कहां इन्हें सामान्य तौर पर प्रस्तुत किया जा सकता है। सबसे बड़ा नियम जो इस पत्र में स्पष्ट किया गया है, वह यह है कि जब भी किसी एक ही कार्यक्रम या समारोह में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों को एक साथ प्रस्तुत करना हो, तो वहां सबसे पहले राष्ट्रगीत (‘वंदे मातरम’) गाया या बजाया जाएगा और उसके ठीक बाद राष्ट्रगान (‘जन गण मन’) की प्रस्तुति होगी। इसके अलावा, जिन राज्यों का अपना खुद का ‘राज्य गीत’ (जैसे छत्तीसगढ़ का अरपा पैरी के धार) भी है, वहां के लिए भी नियम साफ कर दिया गया है। मंत्रालय के मुताबिक, जब राज्य गीत, राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान तीनों एक साथ प्रस्तुत किए जाएं, तब भी राष्ट्रीय गरिमा को सर्वोच्च रखते हुए पहले राष्ट्रगीत होगा और उसके बाद ही राष्ट्रगान गाया या बजाया जाएगा।
गृह मंत्रालय ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को प्रस्तुत करते समय उनके सही शब्दों, सही भाषा, सही पाठ और सबसे बढ़कर उनके ‘सटीक उच्चारण’ (Correct Pronunciation) का शत-प्रतिशत पालन होना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की त्रुटि या बदलाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का पालन आम जनता और संस्थानों के लिए आसान बनाने के लिए मंत्रालय ने बताया है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का पूरी तरह से प्रामाणिक पाठ और उसका सही उच्चारण गृह मंत्रालय की ऑफिशियल वेबसाइट पर ऑडियो और टेक्स्ट के रूप में उपलब्ध है, जहां से इसे रेफर किया जा सकता है।
गृह मंत्रालय ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी छोटे-बड़े संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों और संगठनों को तुरंत जरूरी सर्कुलर जारी करें ताकि इन नियमों का कड़ाई से पालन हो। इस महत्वपूर्ण पत्र की प्रतियां राष्ट्रपति सचिवालय, उपराष्ट्रपति सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कैबिनेट सचिवालय, भारत निर्वाचन आयोग (ECI), संसद सचिवालयों, सुप्रीम कोर्ट और सभी हाईकोर्ट्स जैसी देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्थाओं को भी सूचनार्थ भेज दी गई हैं।


