सहारनपुर:
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद से एक बेहद ही चौंकाने वाली और दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। जनपद के गागलहेड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सोना सय्यद माजरा गांव में हिंडन नदी (Hinden River) की उफनती और खतरनाक धार ने मौत के बाद का सुकून भी छीन लिया। दरअसल, पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और शिवालिक पहाड़ियों के क्षेत्र से आए पानी के तेज बहाव के कारण हिंडन नदी का जलस्तर (Water Level) अचानक तेजी से बढ़ गया। पानी बढ़ते-बढ़ते नदी के किनारे स्थित गांव के कब्रिस्तान तक पहुंच गया और वहां की जमीन का भारी कटाव (Soil Erosion) शुरू हो गया। इस खौफनाक मंजर के बीच करीब छह महीने पहले दफनाए गए दो शव कब्रों को चीरकर अचानक बाहर पानी में तैरते नजर आए। जैसे ही इस बात की भनक ग्रामीणों को लगी, पूरे गांव में कोहराम मच गया और लोग नम आंखों व सिसकियों के साथ अपने पूर्वजों और अपनों के शवों का अंतिम ठिकाना तलाशने के लिए कब्रिस्तान की तरफ दौड़ पड़े।
कब्रिस्तान में जो नजारा था, उसे देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा। चारों तरफ पानी भरा हुआ था और ग्रामीण अपने परिजनों की कब्रों की पहचान करने और उनकी सलामती जानने के लिए बदहवास घूम रहे थे। ग्राम प्रधान शाहजेब हुसैन ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया कि हिंडन नदी में बड़े पैमाने पर हुए अतिक्रमण (Encroachment) और जलधारा के प्राकृतिक मार्ग में हुए बदलाव के कारण नदी का मुख्य बहाव अब सीधे कब्रिस्तान की तरफ मुड़ गया है। यही वजह है कि नदी का पानी कब्रिस्तान को अपनी चपेट में ले रहा है और लगातार मिट्टी धंस रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गागलहेड़ी थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार और राजस्व विभाग (Revenue Department) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और जलस्तर का बारीकी से निरीक्षण कर स्थिति को काबू में किया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए नायब तहसीलदार बबलू कुमार और नायब तहसीलदार स्मृति शुक्ला ने अपनी देखरेख में काम शुरू कराया। राजस्व टीम की मौजूदगी में उन दोनों शवों को पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और सम्मान के साथ दोबारा सुपुर्द-ए-खाक (Re-buried) कराया गया, जिसके बाद परिजनों ने थोड़ी राहत की सांस ली। प्रशासन का कहना है कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जा रही है और इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह के कटाव को रोकने के लिए नदी पर पक्का बांध या कोई आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई की जा सके। फिलहाल, इस प्राकृतिक आपदा और मार्मिक दृश्य के कारण पूरे गांव में गहरे गम और चिंता का माहौल बना हुआ है क्योंकि ग्रामीणों को डर है कि यदि नदी का जलस्तर थोड़ा भी और बढ़ा, तो कब्रिस्तान में मौजूद कई अन्य कब्रें भी पूरी तरह नदी में विलीन हो सकती हैं।

