आंगनबाड़ी केंद्रों में घटिया सामग्री की आपूर्ति पर सरकार सख्त, दोषी फर्में की गईं ब्लैकलिस्
रायपुर: प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और महिलाओं के उपयोग के लिए भेजी गई सामग्री की गुणवत्ता को लेकर विधानसभा में एक बड़ा खुलासा हुआ है। विधायक श्री दिलीप लहरिया द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने स्वीकार किया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान आपूर्ति की गई सामग्री के मानकों में गंभीर खामियां पाई गई हैं। विशेष रूप से पोस्ट डिस्पैच इंस्पेक्शन के दौरान यह सामने आया कि कुछ फर्मों द्वारा सप्लाई किए गए लोहे के तवे, थालियां और ग्रेन स्टोरेज बिन निर्धारित सरकारी मापदंडों पर खरे नहीं उतरे।
महतारी वंदन योजना: छत्तीसगढ़ में 1 लाख से अधिक महिलाओं के नाम सूची से कटे,
इस मामले में सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए मानकों का उल्लंघन करने वाली संबंधित फर्मों को जेम (GeM) पोर्टल की निर्धारित प्रक्रिया के तहत डिबार यानी प्रतिबंधित कर दिया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि हालांकि जिलों से सीधे तौर पर इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी, लेकिन समाचार पत्रों में प्रकाशित सूचनाओं और छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम-2002 के प्रावधानों के तहत जब स्वतंत्र एजेंसी से गुणवत्ता परीक्षण कराया गया, तब यह विचलन पाया गया।
धान उठाव में बिलासपुर सबसे आगे, रायपुर में प्रदेश की सर्वाधिक चावल मिलें पंजीकृत
विभागीय जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सामग्री की खरीदी जेम पोर्टल के माध्यम से पूरी की गई थी, जबकि आगामी वर्ष 2025-26 के लिए क्रयादेश जारी कर दिए गए हैं और सामग्री प्रदाय की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। सदन में विपक्ष द्वारा निविदा प्रक्रिया और चयन के मापदंडों पर उठाए गए सवालों के जवाब में सरकार ने साफ किया कि पात्र फर्मों का चयन पूरी तरह पारदर्शी नियमों के तहत किया गया था, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट सदन के पटल पर रख दी गई है। इस कार्रवाई से विभाग ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि आंगनबाड़ी जैसे संवेदनशील केंद्रों में सामग्री की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
जशपुर में दिव्यांगों के सहायक उपकरणों पर चार साल में खर्च हुए 1.12 करोड़ रुपये



