Health Update: डायबिटीज और बढ़े हुए फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रित करने के लिए नीम, करेला और जामुन से बने जूस को लेकर काफी चर्चा हो रही है। दावा किया जाता है कि रोजाना एक शॉट लेने से ब्लड शुगर कम करने में मदद मिल सकती है। लेकिन क्या इसका असर सिर्फ 7 दिनों में दिखाई दे सकता है?
हाल ही में विशेषज्ञों ने इस सवाल पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। करेला, जामुन और नीम में मौजूद कुछ जैविक यौगिक ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन एक सप्ताह में ब्लड शुगर में बड़ी गिरावट की कोई गारंटी नहीं है।
क्या 7 दिन में कम हो सकता है ब्लड शुगर?
कुछ लोगों में डाइट, एक्सरसाइज और अन्य लाइफस्टाइल बदलावों के साथ फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज में मामूली सुधार दिखाई दे सकता है। हालांकि, केवल एक शॉट नीम-करेला-जामुन जूस से 7 दिनों में शुगर तेजी से कम होने की उम्मीद करना सही नहीं है। इसका असर व्यक्ति की मौजूदा शुगर, खान-पान, शारीरिक गतिविधि और दवाओं पर निर्भर करता है।
डायबिटीज की दवा बंद करना खतरनाक
विशेषज्ञों ने साफ चेतावनी दी है कि इस तरह के हर्बल जूस को डायबिटीज की दवाओं या इंसुलिन का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। दवा बंद करके केवल जूस पर निर्भर रहने से ब्लड शुगर खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है। वहीं, शुगर कम करने वाली दवाओं के साथ ऐसे उत्पाद लेने पर कुछ लोगों में लो ब्लड शुगर का खतरा भी बढ़ सकता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन भी डायबिटीज में सप्लीमेंट या हर्बल उत्पाद शुरू करने से पहले हेल्थकेयर प्रोफेशनल से सलाह लेने की बात कहता है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी चाहिए?
जो लोग इंसुलिन या ब्लड शुगर कम करने वाली दवाएं लेते हैं, जिन्हें बार-बार लो शुगर की समस्या होती है या जिन्हें किडनी/लिवर से जुड़ी बीमारी है, उन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसे हर्बल मिश्रण का सेवन नहीं करना चाहिए।

