जिले के बगीचा और सन्ना क्षेत्र में निवेश के नाम पर ग्रामीणों को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। आरोपियों ने ‘hedgexfund’ नामक नेटवर्क कंपनी में पैसा लगाकर मात्र तीन महीने में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर भोले-भाले ग्रामीणों को लाखों रुपए की चपत लगाई है। मामले में बगीचा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक मुख्य आरोपी शिवशंकर राम के पास से टोयोटा टायजर कार भी जब्त की गई है।
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ठगी का पूरा मामला तब सामने आया जब प्रार्थिया उर्मिला बाई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया गया कि वर्ष 2023 में आरोपी कालेश्वर राम और उसकी पत्नी मीनी बाई ने अन्य साथियों शिवशंकर राम और नीरा सिंह के साथ मिलकर उर्मिला की मां को झांसे में लिया। आरोपियों ने खुद को जशपुर का स्थाई निवासी बताकर भरोसा जीता और दावा किया कि उनकी कंपनी में निवेश करने पर पैसा 3 महीने में दोगुना हो जाएगा। उन्होंने यह भी वादा किया कि यदि मुनाफा नहीं हुआ तो वे ब्याज समेत रकम लौटाएंगे। इस झांसे में आकर प्रार्थिया और उसकी मां ने करीब 2 लाख 10 हजार रुपए आरोपियों को नगद और फोन-पे के माध्यम से दे दिए।
आरोपियों ने पीड़ितों को ‘hedgexfund’ के वॉलेट का आईडी-पासवर्ड भी दिया था, जिसमें लॉग इन करने पर निवेश की गई रकम डॉलर में दिखाई देती थी। कुछ समय बाद जब वॉलेट बंद हो गया और पैसे वापस मांगने पर आरोपी टाल-मटौल करने लगे, तब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने जांच के दौरान शिवशंकर राम, मीनी बाई, कालेश्वर राम, अनिल लकड़ा, शिवनाथ राम और नीरा सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
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डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि पांच आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी शिवशंकर राम को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इस मामले में पीड़ितों की संख्या और ठगी गई राशि का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। इस पूरी कार्रवाई में एसडीओपी बगीचा दिलीप कुमार कोसले और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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