बिलासपुर रेलवे जोन के प्रमुख रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था अब और मजबूत होने जा रही है। रेलवे परिसर में अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अत्याधुनिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनकी मदद से स्टेशन पर आते ही आदतन अपराधियों, नशा तस्करों और संदिग्ध लोगों की पहचान तुरंत हो सकेगी।
यह फैसला मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में आयोजित रेलवे सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता आईजी रामगोपाल गर्ग ने की। इसमें आरपीएफ, जीआरपी और बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही तथा सक्ती जिलों के पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
एक माह में तैयार होगा डिजिटल डेटाबेस
बैठक में सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे एक माह के भीतर आदतन अपराधियों, नशा तस्करों और लापता बच्चों का डिजिटल डेटाबेस तैयार कर आरपीएफ को उपलब्ध कराएं। यह डेटा फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे संदिग्धों की पहचान होते ही कार्रवाई संभव होगी।
नशा तस्करी और चोरी पर संयुक्त अभियान
रेल मार्ग से गांजा, हेरोइन, सिंथेटिक ड्रग्स सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस की संयुक्त सरप्राइज चेकिंग टीम बनाई जाएगी। रेलवे संपत्ति की चोरी और अवैध कबाड़ कारोबारियों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रात में बढ़ेगी सुरक्षा, साइबर अपराध पर भी नजर
आईजी रामगोपाल गर्ग ने रेलवे स्टेशन परिसर में रात के समय असामाजिक तत्वों की मौजूदगी रोकने, रात्रिकालीन ट्रेनों की 100 प्रतिशत जांच, लावारिस वाहनों की जांच और नियमित गश्त के निर्देश दिए। साथ ही रेलवे वाई-फाई के दुरुपयोग और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष साइबर मॉक ड्रिल आयोजित करने का भी फैसला लिया गया।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
बैठक में सक्ती के जेठा स्टेशन अंडरब्रिज की तकनीकी जांच के लिए संयुक्त सर्वे टीम बनाने का निर्णय लिया गया। वहीं पेंड्रा, खरसिया और सक्ती में ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए फ्लाईओवर प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बाराद्वार के संडे मार्केट के दौरान रेलवे फाटक पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने का भी निर्णय लिया गया।


