बलरामपुर। बलरामपुर जिले में शासन स्तर पर जेम पोर्टल से खरीदी और संबंधित फार्म को कोषालय के माध्यम से भुगतान के बावजूद ईमानदार जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव के खिलाफ हास्यास्पद ढंग से 4.51 करोड़ के गबन का आरोप लगा है। यह विचित्र आरोप लगाए जाने पर आर्थिक विशेषज्ञों ने इसे एकतरफा और उगाही के उद्देश्य से लगाया गया आरोप करार दिया है। इस मामले में जिला प्रशासन द्वारा जारी नोटिस का दवाब देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने सभी आरोपों का तथ्यों के साथ जवाब प्रस्तुत करते हुए कहा है कि जब सारी खरीदी शासन स्तर पर जेम पोर्टल के माध्यम से हुई और भौतिक सत्यापन, गुणवत्ता परीक्षण के बाद ट्रेजरी के माध्यम से सप्लाई करने वाले फर्म को 4.51 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ है तो उनके खिलाफ किस आधार पर गबन का आरोप लगा रहे हैं यह समझ से परे है। खरीदी और भुगतान की प्रक्रिया में उनका कोई योगदान नहीं है। फिर आरोप कैसा..?

बताया जा रहा है कि बलरामपुर जिले में स्कूलो के लिए 4.51 करोड़ रुपए के फर्नीचर, सायकल, साइंस किट सहित अन्य सामानों की खरीदी राज्य कार्यालय के द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से की गई थी। संबंधित फर्म के माध्यम से सभी संस्थाओं में समान पहुंचा था, और संस्था प्रमुखों के द्वारा इन सामानों की पावती भी दी गई थी। नियमानुसार गुणवत्ता परीक्षण और भौतिक सत्यापन के बाद संबंधित फर्म को ट्रेजरी के माध्यम से आनलाइन भुगतान किया गया था। जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव के मुताबिक इसके अतिरिक 20 लाख 66 हजार रुपए के सामनों की खरीदी जेम पोर्टल के माध्यम से हुआ था। शेष राशि का भुगतान पूर्व के डीईओ के कार्यकाल में हुआ था। खरीदी और भुगतान के इस पूरी प्रक्रिया के अवलोकन से ही स्पष्ट हो रहा है कि इसमें जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव का कोई योगदान नहीं है। जिस तरीके से पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया हुई उसमें गड़बड़ी की गुंजाइश भी नहीं है। यदि राशि की गड़बड़ी हुई होती तो सप्लायर आरोप लगाते मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ।

सारी प्रक्रिया आनलाइन – शिक्षा मंत्री

इस मामले में प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इलेक्ट्रानिक मीडिया को दिए एक बयान में कहा है कि विभाग में खरीदी केंद्रीयकृत निविदा के बाद जेम पोर्टल से होती है। उन्होंने कहा कि यह खेद का विषय है कि कुछ लोग जितनी राशि स्वीकृत होती है उतनी राशि का गबन कह देते हैं।आजकल सभी जानते हैं सारी प्रक्रिया जेम पोर्टल पर ऑनलाइन हो गई है,भुगतान भी आनलाइन होता है तो गड़बड़ी कैसे हो सकती है।

पहले भी आरोप नहीं कर पाए सिद्ध

बताया जा रहा है कि वर्ष 2013 – 14 में जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव सरगुजा जिले के लुंड्रा में पदस्थ थे। उस दौरान उन पर 2 करोड़ 42 लाख रुपए के गबन का आरोप लगा था। जिससे संभागायुक्त ने उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए थे। उन पर आरोप लगा था कि मध्यान्ह भोजन रसोइया और स्व सहायता समूह के पैसा का गबन हुआ है। जांच में बैंक से इस बात की पुष्टि हुई कि इन सभी को खाते में आनलाइन भुगतान हुआ है। जांच में डीईओ मनीराम यादव के खिलाफ लगाए गए सारे आरोप गलत और मिथ्या साबित हुए थे, जिससे उन्हें दोष मुक्त कर निलंबन अवधि को सेवा अवधि मानते हुए ड्यूटी बहाल कराया गया था।

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version