नई दिल्ली | 10 अक्टूबर 2026
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर आज (शनिवार) प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के अभूतपूर्व और कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है।
सुरक्षा का कड़ा पहरा और किलेबंदी
- भारी पुलिस बल तैनात: सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 221 कंपनियों सहित लगभग 23,000 से 26,000 अतिरिक्त जवान और महिला सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
- धारा 163 लागू: नई दिल्ली जिले और प्रदर्शन वाले इलाकों के आसपास बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई है। जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद हैं।
- बॉर्डर सील: हरियाणा और उत्तर प्रदेश से सटी दिल्ली की सभी सीमाओं (बदरपुर बॉर्डर समेत) पर भारी बैरिकेडिंग कर गहन चेकिंग की जा रही है।
यातायात, रेल और मेट्रो सेवाएं बुरी तरह प्रभावित
- 250 ट्रेनें रद्द: आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली आने-जाने वाली 250 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और कई के मार्ग बदले गए हैं।
- 45 मेट्रो स्टेशन बंद: एहतियात के तौर पर दिल्ली के 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया है।
- डीटीसी बसें और रूट डायवर्जन: नई दिल्ली जिले में बसों के संचालन को नियंत्रित किया जा रहा है और जरूरत के अनुसार रूट डायवर्ट किए जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
यात्रियों को हो रही असुविधा और परिवहन पाबंदियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पीठ (सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची व जस्टिस वी मोहना) ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से कहा कि सेवाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के बजाय उन्हें नियंत्रित तरीके से चलने दिया जाए, ताकि आम जनता को परेशानी न हो। साथ ही कोर्ट ने सरकार को सुझाव दिया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर के अलावा किसी वैकल्पिक स्थान पर विचार किया जाए।
स्कूल-कॉलेज बंद और परीक्षाओं में बदलाव
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए हैं। साथ ही, इस दौरान आयोजित होने वाली कुछ परीक्षाओं के कार्यक्रमों में भी बदलाव किया गया है।
राजनीतिक हलचल और प्रतिक्रियाएं
- विपक्षी दलों का ज्ञापन: CJP के आंदोलन से पहले ‘इंडिया ब्लॉक’ के 16 दलों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित अन्य नेताओं ने ईवीएम के बजाय पुरानी बैलेट पेपर व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
- CJP का दावा: CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुंबई से बयान जारी कर कहा कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम यह साबित करते हैं कि सरकार युवाओं (जेनजी) से डर गई है और देश में आपातकाल जैसे हालात बना दिए गए हैं।
- पुलिस का खंडन: दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा या किसी अन्य राजनेता को नजरबंद किए जाने की खबरों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है।
- स्थानीय अपील: हर्ष विहार इलाके की एक मस्जिद के मौलाना ने इस प्रस्तावित प्रदर्शन को अवैध करार देते हुए लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन से दूरी बनाए रखने की अपील की है।


