नई दिल्ली: शरीर में तीव्र दर्द और सूजन से राहत दिलाने के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले डाइक्लोफेनाक 75 मिलीग्राम (Diclofenac 75mg) इंजेक्शन की कीमतों में दवा कंपनियों के बीच भारी असमानता सामने आई है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) द्वारा जारी ताजा वर्कशीट के अनुसार, एक ही सॉल्ट और समान मात्रा वाले इस इंजेक्शन की कीमत अलग-अलग ब्रांड्स में करीब 8 गुना तक अलग है।
बाजार में उपलब्ध विकल्पों के बीच कीमतों का यह बड़ा अंतर सीधे तौर पर आम मरीजों की जेब पर असर डाल रहा है।
NPPA की वर्कशीट: आंकड़ों में कीमतों का अंतर
दवा नियामक NPPA ने बाजार के आंकड़ों के आधार पर विभिन्न कंपनियों के 44 ब्रांडों की कीमतों का विस्तृत विश्लेषण किया है:
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न्यूनतम कीमत: ₹3.85 प्रति मिलीलीटर
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अधिकतम कीमत: ₹31.11 प्रति मिलीलीटर
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औसत बाजार मूल्य: ₹25.48 प्रति मिलीलीटर
विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि जो इंजेक्शन एक कंपनी ₹3.85 में उपलब्ध करा रही है, उसी फॉर्मूलेशन के लिए दूसरा ब्रांड ₹31.11 तक वसूल रहा है।
कीमतों के नियमन की तैयारी
डाइक्लोफेनाक का उपयोग सर्जरी के बाद के दर्द, गठिया (आर्थराइटिस), चोट और मस्कुलोस्केलेटल दर्द में आपातकालीन राहत के लिए अस्पतालों और क्लीनिकों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
एनपीएए द्वारा तैयार की गई इस वर्कशीट के बाद अब दवा नियामक इस फॉर्मूलेशन की सीलिंग प्राइस (अधिकतम खुदरा मूल्य) तय करने की दिशा में कदम उठा सकता है, जिससे सभी कंपनियों के लिए एक समान और उचित दर निर्धारित हो सके और मरीजों को ब्रांड के नाम पर होने वाली अतिरिक्त वसूली से राहत मिले।



