NPS बनेगा ‘हेल्थ कवच’: रिटायरमेंट के साथ अब इलाज की भी टेंशन खत्म
भारत के डिजिटल कौशल परिदृश्य को बदलने के लिए सरकार ने एक अत्यंत महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। श्री जयंत चौधरी द्वारा शुरू किया गया “बढ़ना है तो यहां जुड़ना है” अभियान केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत की नींव को मजबूत करने वाला एक डिजिटल सेतु है। महानायक अमिताभ बच्चन का इस अभियान से जुड़ना इसकी गंभीरता और व्यापकता को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य देश के हर कोने में मौजूद प्रतिभा को स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) से जोड़ना है।
यह प्लेटफॉर्म अपनी एआई-सक्षम तकनीक और मोबाइल-फर्स्ट अप्रोच के कारण दुनिया भर में सराहा जा रहा है, जो करीब 1.5 करोड़ से अधिक पंजीकृत उम्मीदवारों को भविष्य के आधुनिक कौशलों के लिए तैयार कर रहा है। आज के एआई और स्वचालन (Automation) के युग में, एसआईडीएच एक केंद्रीय इंजन की तरह काम कर रहा है, जो लोगों को न केवल नए कौशल सिखा रहा है बल्कि उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए व्यक्तिगत सुझाव और उद्योग-संरेखित पाठ्यक्रम भी उपलब्ध करा रहा है।
सबसे विशेष बात यह है कि यह डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आधार-आधारित ई-केवाईसी, क्यूआर-कोड सक्षम डिजिटल सीवी और 21 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्धता के साथ समावेशिता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। यह छात्रों, कामकाजी पेशेवरों और उद्यमियों के बीच की दूरियों को खत्म कर संसाधनों का लोकतंत्रीकरण करता है। इस अभियान के माध्यम से भारत अब एक ऐसी ग्लोबल स्किल कैपिटल बनने की ओर अग्रसर है, जहां विकास और समृद्धि के अवसर हर भारतीय के लिए, कभी भी और कहीं भी उपलब्ध होंगे।
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