रायपुर | 26 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने अनुशासन और नैतिकता को लेकर एक बहुत बड़ा कड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी और आईजी रतन लाल डांगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ आपत्तिजनक फोटो और आचरण को लेकर की गई है, जिससे पुलिस विभाग की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा है। शासन के इस आदेश के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

नैतिकता और सेवा नियमों के उल्लंघन का आरोप
जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह पाया गया कि आईपीएस रतन लाल डांगी ने अपने पद की गरिमा के अनुरूप आचरण नहीं किया। उन पर नैतिकता और सेवा नियमों के खिलाफ व्यवहार करने, पद के प्रभाव का दुरुपयोग करने और स्थापित सामाजिक मानकों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों से पुलिस विभाग की साख को ठेस पहुँची है, जिसके आधार पर उनके खिलाफ अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के तहत कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
नवा रायपुर होगा मुख्यालय, विभागीय जांच शुरू
निलंबन की अवधि के दौरान रतन लाल डांगी का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय (PHQ), नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। नियम के अनुसार, निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। हालांकि, वे सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। राज्य सरकार ने उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। सरकार की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई को पुलिस महकमे में अनुशासन बनाए रखने और ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

