रायपुर/29 जनवरी 2026। कबीरधाम एसपी द्वारा प्रमोशन में भेदभाव को लेकर सरकार को लिखे गए शिकायती पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की सरकार “अंधेर नगरी चौपट राजा“ वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है, गंभीर अपराध के दागियों पर सरकार मेहरबान है और क्षमतावान, योग्य अफसरों को दरकिनार किया जा रहा है। डिप्टी सीएम और प्रदेश के गृहमंत्री के गृह क्षेत्र के पुलिस कप्तान खुद ही इस सरकार से न्याय मांगने दो-दो पन्ने की चिट्ठी लिख रहे हैं, प्रमोशन में भेदभाव, उपेक्षा और त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया का आरोप लगा कर सरकार और प्रशासन की पोल खोल रहे हैं। कुछ दिन पहले महासमुंद के एसपी ने भरी बैठक में डिप्टी सीएम और गृहमंत्री से बहस की उसे पुरस्कार स्वरूप सीबीआई में पदस्थापना मिली। प्रदेश के अनुभवहीन गृहमंत्री के अकर्मण्यता का नुकसान पुलिस की छबि पर पड़ रहा है, इसीलिए पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था बदतर हो रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक पदों पर बैठे वरिष्ठ अधिकारी भी यह समझ नहीं पा रहे कि आखिर यह सरकार चल कैसे रही है? और चला कौन रहा है? आरक्षक भर्ती घोटाले में संलिप्त आउटसोर्सिंग कंपनी को ब्लैकलिस्टेड करने के बजाय उसे दूसरे जिलों में भी भर्ती प्रक्रिया का काम दिया गया, यही नहीं पुलिस भर्ती के साथ ही वनरक्षकों के फिजिकल भी उसी विवादित कंपनी से कराए गए, जिन अधिकारियों ने आपत्ति की उल्टे उन्हें ही प्रताड़ित किया गया। भाजपा की सरकार में पीड़ित ही प्रताड़ित हो रहे हैं और भ्रष्ट अधिकारियों को खुला संरक्षण है, मतलब साफ है कि कमीशन की काली कमाई में सत्ता में बैठे भाजपाई नेता मंत्रियों की हिस्सेदारी है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार सत्ता नहीं भ्रष्टाचार का गिरोह चला रही है। कबीरधाम जिले के पुलिस कप्तान धर्मेंद्र सिंह ने अपने शिकायती पत्र में तथ्यों के साथ इस सरकार के दागी चरित्र को उजागर किया है, कि किस तरह से विपक्ष में रहते जिन पर भाजपा नेता आरोप लगाया करते थे, ऐसे तथाकथित भ्रष्टाचारियों पर अब इस सरकार की कृपा बरस रही है। विगत दो वर्षों की भाजपा सरकार में दर्जनों बड़े अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे पर ठोस कार्यवाही किसी पर नहीं हुई, क्या यही साय का सुशासन और मोदी की गारंटी है, जहां वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी न्याय की गुहार लगाये और यह सरकार सोई रहे। जब उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री के गृह जिले का पुलिस कप्तान ही अन्याय का शिकार हो, तो आम आदमी की क्या स्थिति होगी?

