नई दिल्ली। देश भर के व्यवसायियों, कंपनियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और आयकर रिटर्न (ITR) जमा करने की अंतिम तिथियों में 21 दिनों का विस्तार कर दिया है। पहले टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर तय थी, जिसे अब बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दिया गया है।
इसके साथ ही, ऑडिट श्रेणी में आने वाले करदाताओं के लिए आयकर अधिनियम की धारा 139(1) के तहत आईटीआर दाखिल करने की आखिरी तारीख को भी 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दिया गया है।
किन करदाताओं को मिलेगा सीधा फायदा?
आयकर विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस फैसले का सीधा लाभ उन सभी व्यक्तिगत करदाताओं, पार्टनरशिप फर्मों और कॉर्पोरेट संस्थाओं (कंपनियों) को मिलेगा जिनके खातों का कानूनी रूप से ऑडिट होना अनिवार्य है।
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डेटा मिलान में होगी आसानी: अतिरिक्त समय मिलने से करदाता और प्रोफेशनल्स अपने बहीखातों, जीएसटी डेटा, टीडीएस (TDS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) का सटीक व त्रुटिरहित मिलान कर सकेंगे।
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बिना लेट फीस रिटर्न: अब ऐसे करदाता 21 नवंबर 2026 तक बिना किसी लेट फीस या पेनल्टी के अपना इनकम टैक्स रिटर्न जमा कर सकेंगे।
क्यों बढ़ाई गई ITR फाइलिंग की भी तारीख?
टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और इनकम टैक्स रिटर्न की प्रक्रिया आपस में सीधे तौर पर जुड़ी होती है। नियम के अनुसार, फॉर्म 3CA-3CD या 3CB-3CD पोर्टल पर अपलोड व सत्यापित होने के बाद ही संबंधित करदाता अपना अंतिम रिटर्न फाइल कर सकते हैं। ऑडिट रिपोर्ट की समयसीमा बढ़ने के कारण सीबीडीटी ने करदाताओं को पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से रिटर्न फाइलिंग की तारीख भी 21 दिन आगे बढ़ा दी है।
तकनीकी दिक्कतें और वर्कलोड बना वजह
आयकर पोर्टल पर आ रही तकनीकी समस्याओं, सर्वर स्लो होने और अंतिम दिनों में अत्यधिक वर्कलोड को लेकर देशभर के टैक्स प्रोफेशनल्स और व्यापारिक संगठन लगातार समयसीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। अंतिम समय में होने वाली हड़बड़ी और तकनीकी रुकावटों को ध्यान में रखते हुए सीबीडीटी ने यह राहत भरा फैसला लिया है।




