रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में जल्द ही बड़े स्तर पर सर्जरी और फेरबदल देखने को मिल सकता है। सचिन पायलट के बाद प्रदेश प्रभारी की कमान संभालने वाले वरिष्ठ नेता सुखदेव भगत ने अपने पहले ही दौरे पर सख्त तेवर दिखाए हैं। राजधानी रायपुर के राजीव भवन में प्रदेश कार्यकारिणी और कनेक्ट सेंटर की मैराथन बैठकों के बाद उन्होंने दो टूक संदेश दिया कि संगठन में अनुशासनहीनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जो पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें पदों से हटाकर नए चेहरों को मौका दिया जाएगा।
कामकाज का डेटा तलब, समीक्षा के बाद होगी कार्रवाई
राजीव भवन में आयोजित अहम बैठकों में प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) दीपक बैज और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित वरिष्ठ नेता व विधायक मौजूद रहे। सुखदेव भगत ने कहा कि संगठन के हर स्तर के कामकाज का डेटा जुटाया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परफॉर्मेंस की बारीक समीक्षा की जाएगी। प्रभारी ने कहा, “पार्टी की ओर से मिली जिम्मेदारी को जो ठीक से नहीं निभा रहे हैं, उन्हें रिप्लेस कर दिया जाएगा। संगठन में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता सहन नहीं होगी। सभी को एकजुट होकर पार्टी की नीतियों और जनता के हक के लिए जमीन पर काम करना होगा।”
स्मार्ट मीटर, SIR और कथित वोट चोरी पर सड़क पर उतरेगी कांग्रेस
प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में राज्य सरकार और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर कड़े आंदोलन की रणनीति बनाई गई:
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स्मार्ट मीटर का विरोध: सुखदेव भगत ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के कारण आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे को जन-आंदोलन का रूप देकर जनता के बीच जाएगी।
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SIR और कथित वोट चोरी: वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर, एसआईआर और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस लगातार मोर्चा खोलेगी। पार्टी ने साफ किया कि 28 सितंबर को हुए विरोध प्रदर्शन की तर्ज पर यह आंदोलन आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
कनेक्ट सेंटर और फ्रंटल संगठनों की होगी गहन समीक्षा
छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे के दौरान सुखदेव भगत ने पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी, विधायक दल और कनेक्ट सेंटर के प्रभारियों के साथ सघन चर्चा की। उन्होंने संकेत दिया कि कनेक्ट सेंटर और विभिन्न फ्रंटल संगठनों की कार्यप्रणाली की शुरुआती रिपोर्ट मिल चुकी है। जिनका काम असंतोषजनक पाया जाएगा, उनके स्थान पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को जवाबदेही सौंपी जाएगी।
रविवार दोपहर रायपुर पहुंचे सुखदेव भगत दिनभर बैठकों और विरोध मार्च में शामिल होने के बाद शाम को दिल्ली रवाना हो गए। उनके कड़े रुख से पार्टी की भीतर सक्रियता बढ़ाने का दबाव साफ महसूस किया जा रहा है।


