रायपुर: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक डिजिटल क्रांति को नई गति मिलने जा रही है। प्रदेशभर में हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी का मजबूत जाल बिछाने के उद्देश्य से राज्य शासन ने भारतनेट परियोजना को लोकहित में ‘विशेष परियोजना’ (Special Project) के रूप में अधिसूचित किया है। केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) की गाइडलाइन के अनुरूप उठाए गए इस कदम के बाद ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने और नेटवर्क विस्तार से जुड़ी प्रशासनिक बाधाएं पूरी तरह दूर होंगी।
राइट ऑफ वे (ROW) की फाइलों का होगा प्राथमिकता पर निपटारा
विशेष परियोजना का दर्जा मिलने से दूरसंचार नेटवर्क विस्तार के लिए जरूरी ‘राइट ऑफ वे’ (मार्ग का अधिकार यानी ROW) संबंधी मंजूरियों में तेजी आएगी:
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सड़क व भूमि उपयोग अनुमति: केबल बिछाने, पोल खड़े करने और मोबाइल टावर स्थापना के लिए लोक निर्माण, वन, राजस्व और नगरीय निकायों से मिलने वाली अनापत्ति (NOC) अब तय समय सीमा में मिलेगी।
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लंबी प्रक्रियाओं से राहत: अब तक विभागों के चक्कर में महीनों अटके रहने वाले आरओडब्ल्यू आवेदनों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर क्लियर किया जाएगा, जिससे परियोजना के कार्य में अनावश्यक देरी नहीं होगी।
नगरीय प्रशासन संचालनालय ने सभी निगमों व पालिकाओं को जारी किया परिपत्र
शासन की अधिसूचना के तुरंत बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने जमीनी स्तर पर काम तेज करने के निर्देश दिए हैं:
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आयुक्तों व सीएमओ को सख्त हिदायत: संचालनालय ने प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों (Municipal Commissioners) और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (CMO) को आधिकारिक परिपत्र जारी किया है।
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समयबद्ध निराकरण: निकायों को स्पष्ट कहा गया है कि भारतनेट परियोजना से जुड़े सभी आरओडब्ल्यू और टावर स्थापना के आवेदनों की समीक्षा कर निर्धारित नियमों के तहत बिना किसी विलंब के शीघ्र स्वीकृतियां प्रदान की जाएं।
गांव-गांव तक पहुंचेगा ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
भारतनेट के तेज क्रियान्वयन से प्रदेश की ग्राम पंचायतों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी स्कूलों और राशन दुकानों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से सीधे जोड़ा जा सकेगा। इससे ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुदूर वनांचल क्षेत्रों तक आसान होगी और आम नागरिकों को डिजिटल सेवाओं का निर्बाध लाभ मिल सकेगा।

