**रायपुर, 10 जुलाई 2026:** छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के हर घर तक शुद्ध पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव **श्री विकासशील** की अध्यक्षता में ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव (O&M) नीति पर एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पेयजल योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता और प्रभावी प्रबंधन हेतु निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
पंचायतों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी:
ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए प्रबंधन व्यवस्था का पूर्ण हस्तांतरण ग्राम पंचायतों को किया जाएगा। ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के माध्यम से रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर जवाबदेही और जन-सहभागिता बनी रहे।
सोशल ऑडिट और ग्राम सभा की भूमिका: पारदर्शिता और गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए, योजनाओं का सोशल ऑडिट (सामाजिक अंकेक्षण) कराना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, प्रत्येक गाँव की ग्राम सभा में पेयजल आपूर्ति और उससे संबंधित मुद्दों पर नियमित चर्चा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जल संरक्षण और वित्तीय प्रबंधन:
जल की बर्बादी को रोकने और बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए जल शुल्क निर्धारण पर विचार किया गया। भविष्य में बेहतर राजस्व प्रबंधन और जल के उपयोग की निगरानी के लिए वाटर मीटर लगाने की योजना पर भी गंभीरता से मंथन किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव श्री विकासशील ने स्पष्ट किया कि शासन का लक्ष्य केवल आधारभूत संरचना तैयार करना नहीं, बल्कि हर ग्रामीण घर में दैनिक आधार पर शुद्ध जल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को इस नीति के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के सचिव **श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक** ने ‘जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़’ की प्रस्तावित नीति और उसके विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव **श्री भीम सिंह** सहित जल जीवन मिशन, पीएचई और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


