एक सांस्कृतिक कोरिडोर जतरा मेला, जहाँ डिजिटल युग में भी सांस लेती है विरासत

आदिवासी संस्कृति की धड़कन: मांदर की थाप और परंपराओं का संगम विशेष स्टोरी फैज़ान अशरफ जिसे दुनिया ग्लोबलाइजेशन कहती है, उसे जशपुर, झारखंड और ओड़िशा के सीमावर्ती अंचलों ने सदियों पहले जतरा के रूप में आत्मसात कर लिया था। कार्तिक पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलने वाला यह मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक … Continue reading एक सांस्कृतिक कोरिडोर जतरा मेला, जहाँ डिजिटल युग में भी सांस लेती है विरासत