जशपुर:
जशपुर जिले के कांसाबेल थाना क्षेत्र में एक अत्यंत संवेदनशील मामले में न्यायालय ने मानवता को शर्मसार करने वाले एक पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पिता अपनी ही 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दे रहा था। जशपुर पुलिस की त्वरित विवेचना और प्रभावी अभियोजन के चलते मात्र एक महीने के भीतर इस मामले में ऐतिहासिक फैसला आया है।
क्या है पूरा मामला?
दिनांक 02 मई 2026 को पीड़िता की माता ने थाना कांसाबेल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पति कलेश्वर राम विश्वकर्मा (42 वर्ष) पिछले तीन वर्षों से लगातार अपनी नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म कर रहा है।
शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और थाना कांसाबेल में अपराध क्रमांक 75/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एक महीने में चार्जशीट
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई की गई: पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की और 02 मई 2026 को ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।: थाना प्रभारी कांसाबेल निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार ने पेशेवर दक्षता दिखाते हुए सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए और घटना के डेढ़ महीने के भीतर 17 जून 2026 को न्यायालय में अभियोग पत्र (चालान) प्रस्तुत कर दिया।
अदालत का फैसला और सशक्त पैरवी
माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.), विशेष न्यायालय (पॉक्सो), जशपुर श्री जनार्दन खरे की अदालत में मामले की त्वरित सुनवाई हुई।अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार तिर्की ने सशक्त पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष 20 गवाहों और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए।अदालत ने पुलिस द्वारा संकलित साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी को आधार बनाते हुए आरोपी कलेश्वर राम विश्वकर्मा को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति जशपुर पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। ऐसे मामलों में समयबद्ध विवेचना और दोषियों को कठोरतम दंड दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है ताकि समाज में सुरक्षा और कानून का डर बना रहे


