रायपुर, 8 अक्टूबर (राज्य ब्यूरो): छत्तीसगढ़ शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग ने चार दशक पुराने ‘छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984’ में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए नई अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी है। सरकार द्वारा दावा और आपत्ति की प्रक्रिया पूरी करने के बाद लाए गए इस संशोधन से राज्य में भूमि उपयोग के नियमों को अत्यंत लचीला बना दिया गया है, जिससे उद्योग, स्टार्टअप और आधुनिक सेवाओं के विकास के लिए नए रास्ते खुल गए हैं।
पुरानी जटिलताएं खत्म, ‘निगेटिव लिस्ट’ पर आधारित होगी व्यवस्था
विशेषज्ञों के अनुसार, पहले की व्यवस्था काफी जटिल थी, जिसके तहत किसी भी गतिविधि को शुरू करने के लिए उसका नियमों की ‘अनुमति सूची’ में शामिल होना अनिवार्य होता था। नए संशोधनों के बाद इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया गया है।
अब राज्य में केवल उन्हीं गतिविधियों पर रोक रहेगी, जिन्हें प्रतिबंधित सूची (Negative List) में दर्ज किया गया है। इसका सीधा और सरल अर्थ यह है कि यदि कोई गतिविधि निषेध सूची में शामिल नहीं है, तो उसे बिना किसी अतिरिक्त जटिल औपचारिकता के आसानी से संचालित किया जा सकेगा।
भूमि का सात प्रमुख श्रेणियों में नया वर्गीकरण
नए प्रावधानों के अंतर्गत राज्य की संपूर्ण भूमि को सात मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
- आवासीय
- वाणिज्यिक
- औद्योगिक
- सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक
- परिवहन
- आमोद-प्रमोद
- कृषि भूमि
प्रत्येक वर्ग के लिए प्रतिबंधित गतिविधियों की एक स्वतंत्र और स्पष्ट सूची तैयार की गई है, जिससे नियमों में पारदर्शिता आएगी।
क्षेत्रवार प्रमुख प्रतिबंध और मानक
- आवासीय क्षेत्र: इन क्षेत्रों में लाल, नारंगी और हरे वर्ग के प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग, गैस गोदाम, कबाड़खाने, संक्रामक रोग अस्पताल, जेल, बड़े ट्रांसपोर्ट टर्मिनल, तेल डिपो, डेयरी, मत्स्य पालन और खनन जैसी गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी।
- वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्र: वाणिज्यिक क्षेत्रों में खतरनाक रसायनों का भंडारण, विस्फोटक सामग्री, भारी उद्योग, वधशाला, पशुपालन, श्मशान, कब्रिस्तान और खनन कार्य पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वहीं, औद्योगिक क्षेत्रों में सामान्य आवासीय बस्तियां बसाने, स्कूल खोलने, संक्रामक रोग अस्पताल, जेल और गैस गोदाम जैसी गतिविधियों के संचालन की अनुमति नहीं होगी।
इस नीतिगत बदलाव से अनावश्यक कागजी कार्रवाई और विधिक उलझनों से राहत मिलेगी, जिससे प्रदेश में निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों को तीव्र गति मिलने की उम्मीद है।



