नई दिल्ली / बिलासपुर:
रेल मंत्रालय ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए लोहरदगा से धरमजयगढ़ के बीच 291.88 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन को ‘विशेष रेल परियोजना’ के रूप में अधिसूचित कर दिया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना वर्तमान में प्रारंभिक और अंतिम स्थान सर्वेक्षण (Final Location Survey) के चरण में है, जिसके तहत कॉरिडोर की सटीक रूपरेखा तैयार की जा रही है। यह नई रेल लाइन झारखंड के लोहरदगा से शुरू होकर गुमला और छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के अंतर्गत आने वाले लोदाम, कुनकुरी और पत्थलगांव जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरते हुए धरमजयगढ़ तक जाएगी। इस रूट के बन जाने से दोनों राज्यों के बीच न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास की नई राहें भी खुलेंगी।
डीपीआर (DPR) और निविदा (Tender) की वर्तमान स्थिति
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर (DPR) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि निर्माण और सिविल कार्यों के लिए अभी निविदाएं (Tender) आमंत्रित नहीं की गई हैं। इस पूरी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) और अंतिम बजट आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही रेलवे द्वारा निर्माण कार्य शुरू होने और निविदा जारी करने की सटीक तारीखों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

