रांची:
राजधानी रांची के धुर्वा स्थित जेएससीए (JSCA) इंटरनेशनल स्टेडियम में 9 अक्टूबर को होने वाले भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह सातवें आसमान पर है। मैच के गवाह बनने और युवा भारतीय सितारों को मैदान पर चौके-छक्के लगाते देखने के लिए सोमवार, 5 अक्टूबर से ऑफलाइन टिकटों की बिक्री शुरू हो गई है।
टिकट पाने की दीवानगी ऐसी रही कि राज्य के अलग-अलग जिलों से पहुंचे सैकड़ों क्रिकेट प्रेमी रविवार रात से ही स्टेडियम परिसर के बाहर डेरा डाले नजर आए। सुरक्षा कारणों से रात में कतार लगाने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके बाद सोमवार सुबह 7 बजे से प्रशंसकों को लाइन में लगाया गया और ठीक सुबह 9 बजे टिकट काउंटर खोल दिए गए।
टिकट काउंटर और नियमों का पूरा ब्योरा: एक नजर में
| प्रमुख विवरण | नियम व व्यवस्था |
| बिक्री की तारीख | 5 और 6 अक्टूबर 2026 (केवल दो दिन) |
| काउंटर खुलने का समय | सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक |
| कुल काउंटर्स की संख्या | 5 विशेष काउंटर |
| प्रति व्यक्ति टिकट सीमा | अधिकतम 2 टिकट |
| विशेष व्यवस्था | महिलाओं और दिव्यांग दर्शकों के लिए अलग कतार व काउंटर |
केवल 2 दिन का मौका, एक व्यक्ति को अधिकतम 2 टिकट
जेएससीए प्रबंधन और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऑफलाइन टिकटों की बिक्री केवल 5 और 6 अक्टूबर को ही की जाएगी। इसके बाद काउंटरों से टिकट मिलना पूरी तरह बंद हो जाएगा। कालाबाजारी और अव्यवस्था रोकने के लिए सख्त नियम तय किया गया है कि एक व्यक्ति को पहचान पत्र के आधार पर अधिकतम दो टिकट ही दिए जाएंगे। महिलाओं और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए अलग से विशेष काउंटर की व्यवस्था की गई है, जहां सुबह 5 बजे से ही महिला फैंस की लंबी कतारें देखी गईं।
वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा का बल्ला देखने युवाओं में जबरदस्त क्रेज
इस टी-20 मैच को लेकर खास तौर पर युवाओं में अभूतपूर्व दीवानगी देखी जा रही है। कतार में लगे प्रशंसकों ने बताया कि वे उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा और आक्रामक युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की विस्फोटक बल्लेबाजी को स्टेडियम में लाइव देखने के लिए बेताब हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ड्रोन और पुलिस बल की निगरानी
हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए JSCA परिसर और धुर्वा क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बैरिकेडिंग के जरिए दर्शकों को व्यवस्थित रूप से एक-एक कर काउंटर तक भेजा जा रहा है, ताकि टिकट वितरण पारदर्शी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति या भगदड़ से बचा जा सके।

