झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत गुरुवार को चाईबासा जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। यह मुठभेड़ छोटानागरा थाना क्षेत्र के घने और दुर्गम जंगलों में उस समय हुई, जब नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली अनल सहित 9 से 10 अन्य नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि के लिए सुरक्षाबलों द्वारा इलाके में तलाशी अभियान जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने सारंडा के जंगलों में नक्सलियों की गतिविधियों को लेकर अभियान चलाया था। तलाशी के दौरान जैसे ही सुरक्षाबल नक्सलियों के करीब पहुंचे, खुद को घिरा देख नक्सलियों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से लंबे समय तक भारी गोलीबारी होती रही, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।
मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों के दबाव में कुछ नक्सली घने जंगलों का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और अतिरिक्त बलों की तैनाती के साथ सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की नक्सली गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।
इधर, मुठभेड़ में इनामी नक्सली अनल के मारे जाने पर झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सुरक्षाबलों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि चाईबासा के सारंडा जंगल में कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस द्वारा चलाया गया यह संयुक्त अभियान लाल आतंक के खिलाफ एक बड़ी सफलता है। उन्होंने जवानों के साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के संकल्प के साथ लगातार आगे बढ़ रही है।

