उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। तीन मंजिला इमारत में अचानक आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में लपटें विकराल हो गईं, जिससे वहां मौजूद छात्र-छात्राओं में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के दौरान कई छात्र इमारत के अंदर फंस गए, जबकि कुछ ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों, छज्जों और अन्य हिस्सों का सहारा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही कोचिंग सेंटर में भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि दूसरे फ्लोर पर पढ़ाई कर रहे कई छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था ताकि धुएं और आग से बच सकें। वहीं एक छात्र ने पहले फ्लोर से कूदकर अपनी जान बचाई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा भवन धुएं से भर गया।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। बचाव दल ने इमारत में फंसे छात्रों को बाहर निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हादसे की भयावहता देखकर वह भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि अब तक 13 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और सभी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। घायल छात्रों का इलाज केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। अधिकांश छात्रों की उम्र 16 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि इमारत के अंदर भारी मात्रा में धुआं भरा हुआ है, जिससे राहत कार्य में कठिनाई आ रही है। भवन के हर कमरे और हिस्से की गहन जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई व्यक्ति फंसा न रह जाए। उन्होंने बताया कि इमारत में बड़ी मात्रा में लकड़ी का फर्नीचर मौजूद था, जिसके जलने से घना धुआं फैल गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह एक एनिमेशन और ग्राफिक्स प्रशिक्षण केंद्र था, जहां छात्र तकनीकी प्रशिक्षण लेने आते थे। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। विशेषज्ञों और फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए लगाया गया है।
घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रमुख सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक को मौके पर भेजा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। शहर में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक का माहौल है और लोग घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।


