Migraine सिर्फ सामान्य सिरदर्द नहीं है। इसमें सिर के एक या दोनों हिस्सों में तेज दर्द के साथ उल्टी, चक्कर, रोशनी या तेज आवाज से परेशानी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए कई लोग बिना सोचे-समझे पेनकिलर लेते रहते हैं या दवा लेने में जरूरत से ज्यादा देरी करते हैं। यही आदत कई बार समस्या को और बढ़ा सकती है। न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राहुल चावला ने माइग्रेन से जुड़ी 5 ऐसी गलतियों के बारे में बताया है, जिनसे मरीजों को सावधान रहना चाहिए। आइए जानते हैं Migraine Relief Tips और वे गलतियां, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
माइग्रेन में दवा को लेकर न करें ये गलती
माइग्रेन अटैक शुरू होने के बाद कई लोग दर्द को सहते रहते हैं और दवा लेने में काफी देर कर देते हैं। डॉक्टर की सलाह के अनुसार निर्धारित दवा को अटैक की शुरुआत में लेना कई मरीजों के लिए ज्यादा प्रभावी हो सकता है। दर्द बहुत बढ़ जाने के बाद उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।
दूसरी बड़ी गलती है बार-बार पेनकिलर लेना। लगातार या जरूरत से ज्यादा दर्द निवारक दवाओं के इस्तेमाल से Medication Overuse Headache (MOH) यानी दवाओं के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाला सिरदर्द हो सकता है। कुछ दर्द निवारक दवाओं के लंबे समय तक अधिक इस्तेमाल से पेट में जलन, अल्सर और किडनी पर नुकसान का जोखिम भी बढ़ सकता है। इसलिए Painkiller Side Effects on Kidney को लेकर सावधानी जरूरी है।
नींद और माइग्रेन ट्रिगर्स को न करें नजरअंदाज
माइग्रेन से परेशान लोगों के लिए नींद का नियमित रूटीन बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। कम सोना, देर रात तक जागना या अचानक नींद के पैटर्न में बदलाव कुछ लोगों में माइग्रेन अटैक को ट्रिगर कर सकता है। केवल नींद ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कई आदतें भी Migraine Triggers बन सकती हैं।
इन चीजों पर रखें नजर:
- लंबे समय तक खाना न खाना या नाश्ता छोड़ना
- पर्याप्त पानी न पीना यानी डिहाइड्रेशन
- मौसम में अचानक बदलाव
- तेज परफ्यूम या तेज गंध
- कुछ खास खाद्य पदार्थ
- अनियमित नींद और अत्यधिक तनाव
अपने ट्रिगर्स पहचानने के लिए Headache Diary बनाना उपयोगी हो सकता है। इसमें दर्द कब शुरू हुआ, उस समय क्या खाया-पिया, कितनी नींद ली और कौन-सी दवा ली—इन बातों को नोट किया जा सकता है।
माइग्रेन को सामान्य सिरदर्द समझना पड़ सकता है भारी
माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है और इसका असर केवल सिरदर्द तक सीमित नहीं रहता। कुछ लोगों में मतली, उल्टी, चक्कर, रोशनी और आवाज के प्रति संवेदनशीलता तथा ध्यान लगाने में परेशानी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बार-बार होने वाले या असामान्य सिरदर्द को केवल सामान्य दर्द समझकर लगातार खुद से दवा लेना सही तरीका नहीं है।
अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है, अचानक बहुत तेज दर्द शुरू हुआ है या उसके साथ गंभीर न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। Migraine Treatment व्यक्ति के लक्षण और स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है।
माइग्रेन को नियंत्रित करने के लिए केवल दर्द होने पर गोली लेना ही पर्याप्त नहीं है। नियमित नींद, पर्याप्त पानी, समय पर भोजन, अपने ट्रिगर्स की पहचान और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेना महत्वपूर्ण हो सकता है। खासतौर पर पेनकिलर्स का बार-बार इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।
यह भी पढ़े
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की भेंट, छत्तीसगढ़ के विकास और ‘बस्तर विजन’ पर हुई विस्तृत चर्चा
स्कूली कंप्यूटर खरीदी में भारी गड़बड़ी की आशंका, कलेक्टर का कड़ा एक्शन: 4 सदस्यीय कमेटी 7 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट
हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: प्रोपराइटर की मृत्यु के बाद कानूनी वारिसों से नहीं हो सकती सर्विस टैक्स की वसूली
Disclaimer: यह खबर सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी भी दवा को शुरू, बंद या बदलने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें।


