छत्तीसगढ़ में बारिश एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुकी है और अब मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों और दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। सरगुजा संभाग समेत प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा बना हुआ है। राजधानी रायपुर समेत अन्य जिलों में यलो अलर्ट, बलरामपुर में ऑरेंज अलर्ट और 7 जिलों में बाढ़ की चेतावनी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते 24 घंटे में सूरजपुर और बलरामपुर में भारी वर्षा दर्ज की गई है। आइए जानें मौसम के इस बदलते मिजाज का पूरा अपडेट और सतर्क रहने की जरूरी बातें।

बारिश का कहर: कई जिलों में भारी पानी, अगले घंटे अहम

छत्तीसगढ़ में दो दिन की राहत के बाद एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि:

  • अगले कुछ घंटे में 23 जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
  • बलरामपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
  • कोरिया, सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, मुंगेली, रायगढ़ सहित 12 जिलों में यलो अलर्ट जारी है।
  • राजधानी रायपुर में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।

बारिश और आकाशीय बिजली से जुड़े खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषकर दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें।

17 जुलाई से दक्षिण छत्तीसगढ़ में और बढ़ेगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 17 जुलाई से दक्षिण छत्तीसगढ़ में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आएगी। इस दौरान बस्तर, कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर जैसे क्षेत्रों में मूसलधार बारिश की संभावना है। इसके साथ ही रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के सभी जिलों में यलो अलर्ट लागू रहेगा। बारिश का अब तक का लेखा-जोखा:

  • 388 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 5% ज्यादा है।
  • बलरामपुर में अब तक सबसे अधिक 599.7 मिमी बारिश दर्ज की गई।
  • सिर्फ कोंडागांव, बेमेतरा और सुकमा में औसत से कम बारिश हुई है।
  • दुर्ग में अधिकतम तापमान 34.2°C, जबकि राजनांदगांव में न्यूनतम 21.5°C दर्ज किया गया।

बिजली गिरने से बढ़ा खतरा: जानिए बचाव के उपाय

आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं मानसून के दौरान जानलेवा साबित हो सकती हैं। जानिए कुछ जरूरी तथ्य और बचाव के उपाय:

आकाशीय बिजली से जुड़ी जरूरी बातें:

  • इसका तापमान सूरज की सतह से भी ज्यादा होता है।
  • एक बार में यह 12.5 करोड़ वॉट से ज्यादा चार्ज छोड़ती है।
  • सबसे अधिक असर सिर, गर्दन और कंधों पर होता है।
  • दोपहर के समय बिजली गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है।

बचाव के उपाय

  • बारिश या बिजली चमकते समय पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • मोबाइल या धातु की चीजें खुले में इस्तेमाल न करें।
  • खुली जगह में होने पर दोनों पैरों को जोड़कर बैठें, लेटना नहीं चाहिए।
  • बिजली चमकते ही बिजली उपकरण बंद कर दें, Wi-Fi व TV से दूरी बनाएं।

छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और अब यह आने वाले दिनों में और खतरनाक रूप ले सकता है। भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए सतर्कता जरूरी है। प्रशासन और मौसम विभाग अलर्ट पर हैं, लेकिन आम लोगों को भी सावधानी बरतना और मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी है। बिजली, बाढ़ और जलभराव से जुड़े खतरे को हल्के में न लें। क्या आप भी इस मौसम विभाग के अलर्ट से सतर्क हैं? आपको क्या लगता है – प्रशासन को और क्या कदम उठाने चाहिए? नीचे कमेंट करें, अपनी राय शेयर करें और यह जानकारी अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर शेयर करें!

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