नई दिल्ली: फास्टैग इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। अब गाड़ी पर चिपका स्टिकर बदले बिना ही फास्टैग से जुड़े बैंक को बदला जा सकेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में ‘वनटैग’ (OneTag) सुविधा का शुभारंभ किया। इस नई पहल के तहत वाहन मालिक अपने मौजूदा फास्टैग को अपनी पसंद के दूसरे बैंक में आसानी से पोर्ट (ट्रांसफर) कर सकेंगे। इसमें टैग, टैग आईडी और वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर पहले जैसा ही रहेगा। इसे इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) और एनपीसीआई (NPCI) ने मिलकर विकसित किया है।
राजमार्गयात्रा ऐप से पूरी होगी पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया
अब तक बैंक बदलने के लिए वाहन चालकों को पुराना फास्टैग बंद करवाकर, नया खाता खुलवाना पड़ता था और नया फिजिकल स्टिकर गाड़ी पर लगाना पड़ता था। ‘वनटैग’ व्यवस्था से यह झंझट पूरी तरह खत्म हो जाएगा। यह सुविधा एनएचएआई के ‘राजमार्गयात्रा’ ऐप के जरिए मिलेगी। ऐप पर यूजर की पात्रता और पहचान सत्यापन के बाद नया बैंक चुनने का विकल्प मिलेगा। पुराने वॉलेट की शेष राशि का रिफंड और लंबित लेनदेन का निपटारा पुराने बैंक द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद नया बैंक फास्टैग की सेवाओं को संभाल लेगा।
टोल प्लाजा पर कोई बदलाव नहीं, संसाधन बचेंगे
इस पोर्टेबिलिटी से टोल प्लाजा पर टोल टैक्स कटने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा। एनपीसीआई नए बैंक का विवरण सीधे राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (NETC) नेटवर्क पर अपडेट कर देगा। सरकार का मानना है कि इससे बार-बार नया प्लास्टिक या आरएफआईडी टैग जारी करने, उसकी प्रिंटिंग और डिलीवरी का खर्च बचेगा। देश में इस समय फास्टैग की पहुंच 98 फीसदी से अधिक है और करीब 6 करोड़ सक्रिय फास्टैग उपयोग में हैं।
मार्च 2027 तक पूरी तरह बैरियर-फ्री होंगे टोल प्लाजा: गडकरी
समारोह को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि फास्टैग व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी होने से सरकार को हर साल ₹20,000 से ₹25,000 करोड़ तक का वित्तीय लाभ हो रहा है। टोल से मिलने वाला कुल राजस्व बढ़कर अब ₹82,000 करोड़ से ऊपर पहुंच गया है, जबकि टोल संचालन की लागत 12% से घटकर मात्र 2-3% रह गई है।
केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि इस साल दिसंबर तक 70% से अधिक टोल बूथ बैरियर-फ्री (बिना बूम बैरियर के) कर दिए जाएंगे और मार्च 2027 तक राष्ट्रीय राजमार्गों के सभी टोल बूथों को पूरी तरह बैरियर-फ्री करने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि फास्टैग के कारण कतारें खत्म होने से देश में सालाना ₹5,250 करोड़ से अधिक मूल्य के ईंधन की बचत हो रही है। साथ ही उन्होंने टेक कंपनियों से ट्रकों में ओवरलोडिंग रोकने के लिए आधुनिक डिजिटल समाधान तैयार करने का आह्वान किया।

