नई दिल्ली: टेलीविजन दर्शकों और ब्रॉडकास्टर्स के लिए बड़ा बदलाव हुआ है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने टीवी चैनलों पर प्रति घंटे विज्ञापन दिखाने की 12 मिनट की सीमा को आधिकारिक तौर पर पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इसके लिए ट्राई ने 2012 के अपने पुराने नियम और उससे जुड़े सभी आदेशों को रद्द (निरस्त) करने का नया आदेश जारी किया है।
अब तक क्या था नियम?
साल 2012 के नियमों के मुताबिक, टीवी चैनलों पर एक घंटे के प्रसारण के दौरान अधिकतम 12 मिनट ही विज्ञापन दिखाए जा सकते थे। इसका मकसद यह था कि विज्ञापनों की भरमार से दर्शकों के टीवी देखने के अनुभव पर बुरा असर न पड़े।
नियम क्यों हटाया गया?
हाल ही में 21 अगस्त 2026 को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने केबल टीवी नियमों में संशोधन कर इस सीमा को हटा दिया था। बदलते वक्त, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और टीवी कारोबार को आसान बनाने (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के लिए सरकार ने यह फैसला लिया। सरकार के इस कदम के बाद ट्राई के लिए भी अपने 2012 के नियमों को बनाए रखना बेमानी हो गया था, इसलिए ट्राई ने भी इन प्रतिबंधों को पूरी तरह खत्म कर दिया।
दर्शकों और चैनलों पर क्या होगा असर?
यह नया नियम सरकारी गजट में छपते ही लागू हो जाएगा। इसके बाद टीवी चैनलों पर प्रति घंटे 12 मिनट विज्ञापन की कानूनी बाध्यता खत्म हो जाएगी और चैनल अपनी जरूरत व व्यावसायिक रणनीति के हिसाब से विज्ञापनों का समय तय कर सकेंगे।



