रायपुर, 21 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) होने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक बेहद राहत भरा और सख्त कदम उठाया है। रिटायरमेंट के बाद पेंशन और अन्य वित्तीय लाभों के लिए कर्मचारियों को लंबे समय तक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इस समस्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को 30 सितंबर 2026 तक सभी लंबित पेंशन प्रकरणों का पूरी तरह निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
सभी स्तरों पर अटके और लंबित पड़े पेंशन मामलों की व्यक्तिगत समीक्षा कर उन्हें इस महीने के अंत तक हर हाल में सुलझाने को कहा गया है।अक्टूबर 2026 से आगे सेवानिवृत्त होने वाले सभी शिक्षकों व कर्मचारियों के पीपीओ (PPO) उसी महीने जारी किए जाएंगे। साथ ही, उनके अन्य सभी देय स्वत्वों का भुगतान भी रिटायरमेंट वाले माह में ही मिल जाएगा।
मार्च 2027 तक रिटायर होने वाले कर्मियों की सेवा पुस्तिका (Service Book) और पासबुक को पहले से ही पूर्ण करने के निर्देश हैं। साथ ही कोष एवं लेखा से वेतन निर्धारण का सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है।भविष्य में इस तरह की देरी से बचने के लिए हर साल 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, ताकि सेवा पुस्तिका और पासबुक समय पर अपडेट हो सकें। कानूनी अड़चनों की वजह से लंबे समय से अटके पेंशन मामलों को सुलझाने के लिए ‘कोर्ट सेल बिलासपुर’ की सहायता लेने के निर्देश दिए गए हैं।
इस पूरी कवायद का मुख्य मकसद प्रशासनिक लेटलतीफी को खत्म करना है, ताकि जीवनभर ईमानदारी से सेवा देने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने हक की पेंशन के लिए भटकना न पड़े।


