बिलासपुर। सर्पदंश के बाद समय पर इलाज नहीं मिल पाने से होने वाली मौतों को कम करने के लिए छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब प्रदेशभर में संचालित संजीवनी एक्सप्रेस 108 एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इसका उद्देश्य दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश के मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही जरूरी उपचार उपलब्ध कराना है।
अभी कई मामलों में गांव से अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र की दूरी अधिक होने के कारण मरीज को एंटी स्नेक वेनम मिलने में काफी समय लग जाता है। इस दौरान सांप का जहर शरीर में फैलने से मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद 108 एंबुलेंस के पहुंचते ही जरूरत के अनुसार उपचार शुरू किया जा सकेगा और मरीज को आगे के इलाज के लिए सुरक्षित रूप से अस्पताल ले जाया जाएगा।
कॉल मिलते ही मौके पर पहुंचेगी 108
सांप के काटने की घटना होने पर परिजनों को बिना समय गंवाए 108 पर सूचना देनी होगी। कॉल सेंटर से नजदीकी एंबुलेंस को मौके पर भेजा जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम की वाइल्स और जरूरी दवाएं उपलब्ध रहेंगी।
जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ मरीज को मौके पर ही उपचार देना शुरू करेगा। इसके बाद मरीज को उसकी स्थिति के अनुसार नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल या उच्च स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाया जाएगा।
ग्रामीण इलाकों में ज्यादा फायदा
सर्पदंश के मामलों में सबसे बड़ी चुनौती समय पर इलाज शुरू करना होती है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों की दूरी अधिक होने के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचने में कई घंटे लग जाते हैं। ऐसे मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध होने से इलाज शुरू करने में होने वाली देरी कम होगी। खासतौर पर उन इलाकों में इसका फायदा मिलेगा जहां अस्पताल तक पहुंचने में ज्यादा समय लगता है।
SIMS में रोज सामने आ रहे सर्पदंश के मामले
बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (SIMS) में भी सर्पदंश के मरीज लगातार पहुंचते हैं। बारिश के मौसम में यहां रोजाना करीब पांच से दस तक सर्पदंश के मामले आने की जानकारी दी गई है। हालांकि अन्य मौसम में भी यह सिलसिला पूरी तरह बंद नहीं होता और हर एक-दो दिन में सर्पदंश के मरीज सामने आते हैं।
चिकित्सकों के मुताबिक कई मामलों में मरीज की गंभीर स्थिति का एक कारण समय पर एंटी स्नेक वेनम नहीं मिल पाना भी होता है। ऐसे में एंबुलेंस स्तर पर ही उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जल्द शुरू होगी नई व्यवस्था
सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल के मुताबिक एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जल्द ही संजीवनी एक्सप्रेस 108 में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया जाएगा।
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद सर्पदंश के मरीजों के लिए इलाज की शुरुआत अस्पताल पहुंचने के बाद ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से ही हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि इससे इलाज में होने वाली देरी कम होगी और सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोकने में मदद मिलेगी।
सांप काटे तो ये गलती न करें
सर्पदंश की स्थिति में मरीज को घबराने या घरेलू उपचार करने के बजाय तुरंत 108 पर सूचना देनी चाहिए। मरीज को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना जरूरी है। झाड़-फूंक, जहर चूसने या घाव पर गलत तरीके से चीरा लगाने जैसी कोशिशों में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।



