अफसर नहीं, भरोसे की खाकी: शशि मोहन सिंह नाम नहीं, एक ‘ब्रांड’, जशपुर के बाद अब रायगढ़ में गूंजेगा सिंघम का इक़बाल

  सीमाओं से परे श्रद्धा का संगम: शारदा धाम जहाँ झारखंड में पड़ते हैं कदम और छत्तीसगढ़ में होते हैं माँ शारदे के दर्शन विशेष | फैज़ान अशरफ जब कोई अधिकारी वर्दी को केवल पद नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और संकल्प की तरह धारण करता है, तब उसकी पहचान आदेशों से नहीं, परिणामों से होती है। … Continue reading अफसर नहीं, भरोसे की खाकी: शशि मोहन सिंह नाम नहीं, एक ‘ब्रांड’, जशपुर के बाद अब रायगढ़ में गूंजेगा सिंघम का इक़बाल