होली के त्योहार पर भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर प्रदान करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। रेलवे के सटीक नियोजन और समन्वित प्रयासों का ही परिणाम है कि देश भर में लाखों यात्री बिना किसी परेशानी के अपने घर पहुँच पा रहे हैं। यात्री यातायात में संभावित उछाल को प्रबंधित करने के लिए 25 फरवरी से 18 मार्च 2026 के बीच विभिन्न जोनों में कुल 1244 होली स्पेशल ट्रेन फेरे संचालित किए जा रहे हैं, और मांग के आधार पर इन फेरों की संख्या को 1500 तक बढ़ाया जा सकता है।
उत्तर रेलवे ने दिल्ली क्षेत्र से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था की है, जहाँ पिछले पांच दिनों में करीब 14 लाख यात्रियों ने सफर किया है। दिल्ली क्षेत्र से 1 मार्च 2026 को 3.36 लाख यात्री रवाना हुए, जो पिछले वर्ष की इसी तारीख की तुलना में 18.07% की वृद्धि दर्शाता है। वहीं, पश्चिम रेलवे ने भी तीन दिनों के भीतर कुल 23,03,445 यात्रियों को सुविधाएं प्रदान की हैं, जिसमें केवल उधना स्टेशन से ही 1 मार्च को लगभग 20,000 यात्री रवाना हुए। भीषण गर्मी को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने उधना स्टेशन पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यात्रियों को लगभग 3,000 बोतलबंद पेयजल वितरित किए।
दक्षिण मध्य रेलवे ने भी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए फरवरी के अंतिम सप्ताह से मार्च तक 195 विशेष ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। इस जोन में 21 फरवरी से 2 मार्च के बीच 26 विशेष ट्रेनों के माध्यम से 50,000 से अधिक यात्रियों ने यात्रा पूरी की। त्यौहारों की भीड़ को कुशलतापूर्वक संभालने के लिए सभी रेलवे जोनों ने ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम), समर्पित होल्डिंग एरिया और हेल्प डेस्क बूथ जैसे उपाय लागू किए हैं। इसके साथ ही, स्टेशनों पर सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ कर्मियों की तैनाती, स्पष्ट मार्गदर्शन और रीयल-टाइम निगरानी के लिए समर्पित वॉर रूम स्थापित किए गए हैं। यात्रियों ने सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्मों के माध्यम से रेलवे की इन विशेष तैयारियों और सुव्यवस्थित भीड़ प्रबंधन की खुलकर सराहना की है।


