पिठारू कांदा: छत्तीसगढ़ के जंगलों का ‘प्राकृतिक उपहार’ और आदिवासियों का पारंपरिक स्वाद

अब शिक्षा की कमान संभालेंगे ‘Frontier AI’ मॉडल!  जानिए क्या बदलेगा क्लासरूम में…? छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों, विशेषकर सरगुजा जशपुर, और छोटा नागपुर के पठारी इलाकों में जीवन आज भी प्रकृति की लय पर चलता है। यहाँ के आदिवासियों का खान-पान केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि उनकी सदियों पुरानी विरासत है। इन्हीं में … Continue reading पिठारू कांदा: छत्तीसगढ़ के जंगलों का ‘प्राकृतिक उपहार’ और आदिवासियों का पारंपरिक स्वाद