नई दिल्ली। केंद्र सरकार और ओडिशा सरकार मिलकर राज्य में विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष और समुद्री संसाधनों से जुड़ा एक बड़ा नेटवर्क तैयार करने जा रही हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और ओडिशा के विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री श्री कृष्ण चंद्र पात्रा के बीच नई दिल्ली में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में ओडिशा के आर्थिक और वैज्ञानिक विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर सहमति बनी है।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य ओडिशा के तटीय संसाधनों, दुर्लभ खनिजों (Rare Earth Minerals) और वैज्ञानिक संस्थानों का पूरा इस्तेमाल कर राज्य को पूर्वी भारत का प्रमुख ‘साइंस एंड टेक्नोलॉजी हब’ बनाना है।
बैठक में लिए गए मुख्य फैसले और प्रमुख योजनाएं
भुवनेश्वर ILS का विस्तार (50 एकड़ अतिरिक्त ज़मीन):
भुवनेश्वर स्थित ‘इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज’ (ILS) के विस्तार के लिए ओडिशा सरकार 50 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराएगी। इससे जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) और लाइफ साइंसेज में रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
डिशा में रेयर अर्थ कॉरिडोर :
केंद्रीय बजट 2026-27 के तहत ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ बनाने की घोषणा की गई है। इसके तहत राज्य में दुर्लभ खनिजों के खनन, रिसर्च और प्रोसेसिंग को नया आयाम मिलेगा।
समुद्री जैव प्रौद्योगिकी (OMBRIC):
ओडिशा मरीन बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च एंड इनोवेशन कॉरिडोर (OMBRIC) के जरिए IIT भुवनेश्वर, NIT राउरकेला, IISER बरहमपुर जैसे बड़े संस्थानों को जोड़ा जा रहा है।
स्पेस रिसर्च व मैन्युफैक्चरिंग सेंटर:
इसरो (ISRO) के सहयोग से ओडिशा में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर अंतरिक्ष अनुसंधान और विनिर्माण (Space Manufacturing) केंद्र विकसित करने की संभावनाओं पर सहमति बनी।
साइंस सिटी की स्थापना:
राज्य में वैज्ञानिक जागरूकता, इनोवेशन और युवाओं को विज्ञान से जोड़ने के लिए एक अत्याधुनिक ‘साइंस सिटी’ का निर्माण किया जाएगा।
डीप ओशन व फिशिंग मिशन:
ओडिशा डीप सी फिशिंग मिशन (2026-2036)’ के जरिए गहरे समुद्र में मत्स्य पालन और समुद्री अर्थव्यवस्था (Blue Economy) को मजबूत किया जाएगा।
‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ अभियान में होगी ओडिशा की भागीदारी
बैठक में तटीय पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आगामी ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ अभियान में ओडिशा के तटीय जिलों की सक्रिय जन-भागीदारी पर भी चर्चा हुई। जिला प्रशासनों के साथ मिलकर समुद्र तटों की सफाई और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत के परमाणु, समुद्री और अंतरिक्ष रोडमैप में पूर्वी तटीय क्षेत्र और विशेष रूप से ओडिशा बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारेंगी।

