गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर ‘कल’ की झलक, ‘आज’ की ऊर्जा!

नई दिल्ली: कर्तव्य पथ पर हर साल देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और विकास की झाँकियाँ देखने को मिलती हैं। लेकिन इस गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी 2026 को, एक ऐसी कहानी ने भी अपने ‘अदृश्य नायकों’ को सामने रखा, जिनकी सेवाएँ अक्सर पर्दे के पीछे रह जाती हैं – भारत के ‘साइबर रक्षक’

​इस बार की गणतंत्र दिवस परेड से ठीक पहले, देश एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय साइबर हमले का सामना कर रहा था, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय ग्रिड, संचार प्रणालियों और महत्वपूर्ण सरकारी डेटाबेस को बाधित करना था। यह हमला इतना सुनियोजित था कि अगर इसे रोका न जाता, तो परेड के दिन देशव्यापी अव्यवस्था फैल सकती थी।

इस प्रदेश में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लग सकती है रोक, 16 साल से कम उम्र पर फेसबुक-इंस्टाग्राम बैन की तैयारी

‘ऑपरेशन तिरंगा शील्ड’: एक रात का युद्ध

​रात भर, दिल्ली में स्थित ‘राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र’ के युवा और अनुभवी विशेषज्ञों की एक टीम ने बिना पलक झपकाए काम किया। ‘ऑपरेशन तिरंगा शील्ड’ नाम से चलाए गए इस मिशन में, उन्होंने दुश्मन के जटिल कोड को डिकोड किया, घुसपैठ के रास्तों को ब्लॉक किया और संभावित खतरों को निष्क्रिय किया।

​इनमें 25 वर्षीय ‘नेहा शर्मा’ थी, जिसने अपनी तेज विश्लेषण शक्ति से हमले के स्रोत का पता लगाया, और 40 वर्षीय ‘राजेश कुमार’ थे, जो एक पूर्व हैकर रहे थे और अब देश की सेवा में लगे थे, उन्होंने महत्वपूर्ण डेटा को सुरक्षित रखने के लिए एक अभेद्य दीवार बनाई।

‘साधारण’ दिखते, ‘असाधारण’ काम करते नायक:

​सुबह जब लोग घरों से निकलकर कर्तव्य पथ की ओर बढ़ रहे थे, तब यह टीम थकी हुई आँखों से, लेकिन चेहरे पर जीत की मुस्कान लिए, अपनी स्क्रीन के सामने बैठी थी। उन्होंने एक ‘अदृश्य युद्ध’ जीता था, जिसने देश को एक बड़े खतरे से बचाया था। उनकी कोई वर्दी नहीं थी, उनके कंधों पर कोई सितारा नहीं था, लेकिन उनकी देशभक्ति और समर्पण किसी भी सैनिक से कम नहीं था।

मतदाता सूची की गड़बड़ी पर चुनाव आयोग की सख्त, लापरवाह बीएलओ पर निलंबन से एफआईआर तक कार्रवाई

प्रधानमंत्री का विशेष सम्मान:

​अपनी स्पीच में प्रधानमंत्री ने इस घटना का अप्रत्यक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा, “आज हम जिन स्वतंत्रता और शांति का जश्न मना रहे हैं, वह सिर्फ सीमाओं पर खड़े हमारे सैनिकों की वजह से नहीं है, बल्कि उन ‘अदृश्य योद्धाओं’ की वजह से भी है, जो देश के डिजिटल मोर्चे पर 24 घंटे खड़े रहते हैं। यह गणतंत्र दिवस उन सभी गुमनाम नायकों को समर्पित है, जो पर्दे के पीछे रहकर राष्ट्र की सेवा करते हैं।”

​इस वर्ष का गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिला गया कि राष्ट्र की सुरक्षा अब सिर्फ जमीन, आसमान और समुद्र तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर स्पेस भी एक नया युद्धक्षेत्र है। और हमारे पास ऐसे ‘साइबर रक्षक’ हैं, जो देश के इस डिजिटल किले को सुरक्षित रखने के लिए हर पल तैयार हैं।

ठंड के बीच बेमौसम बारिश से बढ़ा बीमारी का खतरा, डॉक्टरों ने दी खास सावधानियों की सलाह

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version