NEET पेपर लीक मामले में देशभर के युवाओं के बढ़ते आक्रोश, छात्र आंदोलनों और राजनीतिक प्रदर्शनों के भारी दबाव के बीच केंद्र सरकार पूरी तरह फास्ट ट्रैक मोड में आ गई है। बृहस्पतिवार सुबह से लेकर देर रात तक सरकार ने मामले को शांत करने और व्यवस्था में कड़ाई लाने के लिए ताबड़तोड़ कई बड़े फैसले लिए। सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान करते हुए कहा कि दोषी किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे और युवाओं का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में उच्च स्तरीय बैठकों का दौर चला और देर रात दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की अधिसूचना जारी कर दी।
प्रशासनिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज विभाग भेज दिया, जबकि नरेश गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव और टीके अनिल कुमार को नया शिक्षा सचिव बनाया गया है। इसके अलावा आधी रात को प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि सरकार आगामी मानसून सत्र में पेपर लीक रोकने के लिए एक अत्यंत कठोर कानून लाने जा रही है।
दूसरी ओर NEET पेपर लीक मुद्दे पर 26 दिनों से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बृहस्पतिवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। सरकार ने वांगचुक को आश्वासन दिया है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए बातचीत जारी रहेगी। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है, हालांकि शुक्रवार दोपहर सरकार और सीजेपी के प्रतिनिधियों के बीच इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण वार्ता तय की गई है।

