छत्तीसगढ़ के 111 सरकारी कॉलेजों के पास नहीं है खुद का भवन

रायपुर:

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान जशपुर जिले में भारतमाला परियोजना के अंतर्गत किए गए भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में वित्तीय गड़बड़ी का मामला उठा। विधायक श्रीमती गोमती साय द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न (क्र. 248) के लिखित जवाब में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने स्थिति स्पष्ट की है। विधायक ने नियमों के तहत हुई कार्रवाई और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर की शिकायतों को लेकर सरकार से जवाब मांगा था।

अम्बिकापुर-पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग: 551 भूस्वामियों की जमीन अधिग्रहित, 151 का मुआवजा भुगतान अब भी लंबित

विधायक ने पूछा- क्या राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर हुआ वित्तीय घपला?

विधायक गोमती साय ने सदन में सवाल उठाया था कि क्या जशपुर जिले में भारतमाला परियोजना के तहत आने वाले गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ‘भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013’ के प्रावधानों के तहत की गई है? इसके साथ ही उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या प्रभावित गांवों के राजस्व अभिलेखों (land records) में कूटरचना और हेरफेर कर मुआवजा बांटने में वित्तीय अपवंचन (वित्तीय गड़बड़ी) की शिकायतें मिली हैं? उन्होंने इन गड़बड़ियों के स्थानों और दोषियों पर की गई कार्रवाई का विवरण भी मांगा था।

छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में 1295 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया तेज

राजस्व मंत्री का जवाब: राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत हुआ अधिग्रहण, गड़बड़ी की शिकायतें ‘निरंक’

विधायक के सवालों का लिखित उत्तर देते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने बताया कि जशपुर जिले में भारतमाला परियोजना के अंतर्गत आने वाले गांवों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई ‘राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956’ के प्रावधानों के अनुरूप की गई है। इसके साथ ही प्रभावितों के लिए मुआवजे की गणना ‘भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013’ के नियमों के तहत पूरी की गई है। प्रभावित गांवों की सूची संलग्न प्रपत्र में दी गई है।

बिजली बिलों में बढ़ोतरी पर विधानसभा में सवाल; मुख्यमंत्री साय ने बताया किन वजहों से बढ़ती हैं दरें

अभिलेखों में हेरफेर और मुआवजा वितरण में वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों पर सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि इस संबंध में जानकारी ‘निरंक’ है, यानी शासन स्तर पर ऐसी गड़बड़ी की कोई शिकायत दर्ज नहीं है। मंत्री ने आगे कहा कि गड़बड़ी की शिकायतें न होने के कारण दोषियों पर कार्रवाई करने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। इस मामले से जुड़ा पूरा विवरण विधानसभा पटल पर ‘परिशिष्ट-बयासी’ के रूप में रखवाया गया है।

छत्तीसगढ़ में RTI ऑनलाइन पोर्टल से जुड़े 18 हजार से अधिक कार्यालय; दो सालों में आए 1.5 लाख से ज्यादा आवेदन

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version