रायपुर:
छत्तीसगढ़ में सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत वर्ष 2024-2025 की विभागवार रिपोर्ट सामने आई है। इस सरकारी आंकड़े से खुलासा हुआ है कि सूबे के नागरिक सबसे ज्यादा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी जानकारियां मांग रहे हैं, जबकि संस्कृति विभाग में साल भर में एक भी ऑनलाइन आरटीआई आवेदन दर्ज नहीं हुआ।
जारी सूची के अनुसार, वर्ष 2024-25 में राज्य के विभिन्न विभागों को मिलाकर कुल 69,463 आरटीआई आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 18,951 आवेदनों में जानकारी दी गई (निराकृत किए गए) और 1,458 आवेदन तकनीकी या नियमानुसार अस्वीकृत कर दिए गए। कुल मिलाकर 20,409 आवेदनों पर कार्रवाई पूरी हुई, जबकि 49,054 आवेदन अब भी पेंडिंग (लंबित) हैं।
पंचायत विभाग में आवेदनों की बाढ़, आधे से ज्यादा पेंडिंग
आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे ज्यादा काम का दबाव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (B022) पर है। अकेले इस विभाग में रिकॉर्ड 50,754 आवेदन प्राप्त हुए। विभाग ने इनमें से 10,446 आवेदनों का निराकरण किया और 694 आवेदन निरस्त किए। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या के कारण विभाग में 39,614 आवेदन अब भी लंबित पड़े हैं।
शीर्ष 5 विभाग जहां सबसे ज्यादा मांगी गई जानकारी
| विभाग का नाम | कुल प्राप्त आवेदन | निराकृत + अस्वीकृत (योग) | लंबित (Pending) |
| पंचायत एवं ग्रामीण विकास | 50,754 | 11,140 | 39,614 |
| सामान्य प्रशासन विभाग | 2,321 | 1,975 | 346 |
| स्कूल शिक्षा विभाग | 1,840 | 437 | 1,403 |
| राजस्व विभाग | 1,524 | 803 | 721 |
| नगरीय प्रशासन एवं विकास | 1,399 | 357 | 1,042 |
मुख्यमंत्री सचिवालय और संस्कृति विभाग की स्थिति
रिपोर्ट के मुताबिक, संस्कृति विभाग (B029) में जागरूकता या सक्रियता की कमी के कारण प्राप्त आवेदनों, निराकरण और पेंडिंग की संख्या पूरी तरह ‘शून्य’ (0) रही।
वहीं, मुख्यमंत्री सचिवालय (B046) की बात करें तो यहाँ कुल 39 आरटीआई आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 35 का निराकरण किया गया और 2 आवेदन अस्वीकृत हुए। मुख्यमंत्री सचिवालय में सिर्फ 2 आवेदन ही पेंडिंग सूची में हैं, जो कार्य की रफ्तार को दर्शाता है। इसके अलावा गृह विभाग में 781 आवेदन आए, जिनमें से 412 पेंडिंग हैं, और वन विभाग में आए 1,223 आवेदनों में से 726 मामले लंबित हैं।



