नई दिल्ली। उत्तर भारत के कई हिस्सों में ठंड के बीच हो रही बेमौसम बारिश ने लोगों की सेहत पर खतरा बढ़ा दिया है। मौसम में अचानक आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट और नमी बढ़ने के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैलने लगे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि सर्दियों की बारिश इम्युनिटी को कमजोर कर सकती है, जिससे फ्लू, इन्फ्लुएंजा और सांस से जुड़ी बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ठंडी और नम हवा सीधे फेफड़ों तक पहुंचकर ब्रोंकाइटिस, अस्थमा और सीजनल इन्फेक्शन को बढ़ावा देती है। बारिश में भीगने से शरीर का तापमान तेजी से गिरता है, रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में हाइपोथर्मिया का खतरा भी बना रहता है।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बारिश में भीगने की स्थिति में तुरंत गीले कपड़े उतारकर शरीर को सुखाया जाए और गुनगुने पानी से स्नान किया जाए। इसके बाद अदरक की चाय या हर्बल काढ़ा जैसे गर्म पेय लेना फायदेमंद होता है। सिर और पैरों को सूखा रखना बेहद जरूरी बताया गया है।
चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में खानपान और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अदरक, लहसुन, हल्दी और काली मिर्च जैसे एंटीवायरल तत्वों को आहार में शामिल करें और ठंडे व बासी भोजन से परहेज करें। बाहर निकलते समय वाटरप्रूफ जैकेट और मोजे पहनना भी जरूरी है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सर्दियों की बारिश का आनंद लेते समय जरा सी लापरवाही गंभीर बीमारी में बदल सकती है। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है और समय रहते सतर्कता अपनाकर ही मौसमी बीमारियों से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।

